दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2025) के लिए आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों की अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. AAP ने इसमें सेलिब्रिटी टीचर के रूप में फेमस अवध ओझा (Avadh Ojha) को भी शामिल किया है. उन्होंने हाल ही में राजनीति में एंट्री ली थी और अब पार्टी की ओर से उन्हेंन दिल्ली के पटपड़गंज से टिकट मिल गया है. इस सीट पर पहले मनीष सिसौदिया चुनाव लड़ते थे. नेटवर्थ (Avadh Ojha Net Worth) की बात करें, तो उनके पास करोड़ों की संपत्ति है.
शिक्षक, मोटिवेशनल स्पीकर और अब नेता
सेलिब्रिटी टीचर अवध ओझा (Avadh Ojha) ने हाल ही में आम आदमी पार्टी जॉइन की थी और अब उन्हेंन दिल्ली पटपड़गंज सीट से चुनाव का टिकट भी मिल गया है. पहले शिक्षक, फिर मोटिवेशनल स्पीकर बने अवध ओझा की राजनीति में प्रवेश हो चुका है. ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाते-पढ़ाते उन्होंने अब राजनीति गलियारों में धमाकेदार एंट्री ली है. ओझा सर के नाम से फेमस Avadh Ojha Net Worth का एक बड़ा हिस्सा कोचिंग के जरिए होने वाली उनकी कमाई का है. इसके अलावा अपने यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी उनकी मोटी कमाई होती है.
करीब 11 करोड़ रुपये की संपत्ति!
अवध ओझा उत्तर प्रदेश के गोंडा से ताल्लुक रखते हैं. छात्रों के बीच Ojha Sir के नाम से फेमस हैं. UPSC की कोचिंग देने के साथ ही वे एक मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर भी खासे चर्चित रहे हैं. कोचिंग सेंटर्स की शुरुआत करते ही उनके पढ़ाने के अंदाज ऐसा वायरल हुआ कि कोचिंग में छात्रों की तादाद के साथ ही उनकी कमाई भी बढ़ने लगी. रिपोर्ट्स की मानें तो कोचिंग पढ़ाते-पढ़ाते आप का टिकट पाने वाले अवध ओझा की अनुमानित संपत्ति (Avadh Ojha Net Worth) करीब 11 करोड़ रुपये के आस-पास है.
कहां-कहां से होती है इनकम
अवध ओझा की नेटवर्थ में सबसे ज्यादा हिस्सा उनके द्वारा संचालित किए जा रहे कोचिंग सेंटर्स के होने वाली इनकम का है. Avadh Ojha Classes की वेबसाइट पर नजर डालें, तो UPSC GS फाउंडेशन कोर्स की फीस ऑनलाइन जमा करने पर जीएसटी के साथ 90,000 रुपये, ऑफलाइन जमा करने पर 1,60,000 रुपये है. कोचिंग के अलावा अवध ओझा को उनके यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी कमाई होती है. वहीं मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर वे फेमस सेलिब्रिटी माने जाते हैं.
IAS बनते-बनते बन गए नेता
अवध ओझा की मां पेशे से एक वकील थी, जबकि पिता पोस्टमास्टर थे. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे रहे अवध प्रताप ओझा का सपना तो यूपीएससी क्लियर कर IAS बनने का था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका, इसके लिए उन्होंने जी-तोड़ मेहनत भी की, शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने प्रयागराज की राह पकड़ी. इसके बाद मौका आया यूपीएससी परीक्षा का, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी. UPSC क्लियर न कर पाने के बाद उन्होंने कभी नौकरी न करने का फैसला कर लिय और दूसरा रास्ता चुन लिया, जो कि कोचिंग सेंटर खोलने का था.
पहले उन्होंने किसी और के कोचिंग सेंटर में इतिहास पढ़ाया और फिर अपना Coching Center शुरू कर लिया. अवध ओझा ने साल 2005 में अपना पहला UPSC कोचिंग सेंटर दिल्ली के मुखर्जी नगर में शुरू किया था और इसके बाद उनकी पॉपुलैरिटी लगातार बढ़ती गई और एजुकेशन सेक्टर में वे एक सेलिब्रिटी टीचर बन गए.