फाइनेंशियल ईयर 2023-24 का पहला इनिशियल पब्लिक ऑफर ( IPO) आज ओपन हो गया. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज फर्म एवलॉन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने अपना IPO पेश किया है. सब्सक्रिप्शन के लिए ये ऑफर तीन अप्रैल 2023 से गुरुवार छह अप्रैल 2023 तक के लिए ओपन रहेगा. यानी आपके पास इस आईपीओ पर दांव लगाने के लिए कुल चार दिन का समय होगा. बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, आज ओपन हुए इस आईपीओ के रिटेल कैटेगरी को सुबह 11:15 बजे तक 0.04 गुना सब्सक्राइब किया गया था.
एंकर निवेशकों से जुटाए इतने फंड
Avalon Technologies Limited के आईपीओ का प्राइस बैंड 415-436 रुपये तय किया गया है. कंपनी ने शुक्रवार को कहा था कि उसने अपनी शुरुआती शेयर बिक्री से पहले एंकर निवेशकों (Anchor Investors) से 389 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई है. कंपनी ने 436 रुपये प्रति शेयर पर 24 फंड्स को कुल 89.27 लाख इक्विटी शेयर आवंटित करने का फैसला किया है.
कितना है GMP?
IPO Watch के अनुसार, एवलॉन टेक्नोलॉजीज के शेयर सोमवार को ग्रे-मार्केट में 30 रुपये के प्रीमियम (GMP) पर नजर आ रहे हैं. कंपनी के शेयर मंगलवार, 18 अप्रैल, 2023 को प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं. इंडस्ट्रीज में अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में, कंपनी के पास एक प्रभावशाली पीएटी मार्जिन है. मार्केट के जानकारों का कहना है कि मौजूदा अस्थिर बाजार की स्थितियों को देखते हुए कंपनी को जो प्रतिक्रिया मिल रही है, उसे देखना दिलचस्प होगा.
कितने शेयरों का है लॉट
कंपनी ने आईपीओ के लिए लॉट साइज 34 शेयरों का तय किया है. एक रिटेल निवेशक को कम से कम 14,824 रुपये निवेश करने होंगे. कंपनी दो रुपये का फेस वैल्यू तय किया है. शेयरों का अलॉटमेंट 12 अप्रैल को किया जा सकता है. अपवे आईपीओ के जरिए कंपनी ने 320 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए हैं. इसके अलावा 545 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत होगी.
रिटेल निवेशकों के लिए इतना हिस्सा रिजर्व
आईपीओ के कुल ऑफर साइज में 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बार्यस (QIB) के लिए रिजर्व है. 15 फीसदी हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और 10 फीसदी हिस्सा रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व है. 1999 में स्थापित, एवलॉन टेक्नोलॉजीज एंड-टू-एंड इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस सॉल्यूशन प्रोवाइडर है. अमेरिका और भारत में इसकी 12 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं.
निवेश से पहले कर लें ये काम
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों को बाजार की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए सतर्क रहना चाहिए. इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण उद्योग अपनी अस्थिरता के लिए जाना जाता है, और कच्चे माल की लागत व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है. निवेशकों को आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के प्रदर्शन, वित्तीय स्थिति और डेवलपमेंट की संभावनाओं का सावधानीपूर्वक वैल्यूएशन कर लेना चाहिए.