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बिहार के होनहार युवाओं ने निकाला अनोखा फॉर्मूला, प्लास्टिक से बना रहे पेट्रोल, प्लांट शुरू

महंगे पेट्रोल-डीजल ने जहां एक तरफ आम-आदमी की कमर तोड़ रखी है. वहीं हर जगह बढ़ रहा प्लास्टिक कचरा पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य को भी खराब कर रहा है. लेकिन बिहार में युवाओं की एक टीम ने इन दोनों समस्याओं का समाधान एक साथ निकाल लिया है. उन्होंने प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल-डीजल तैयार किया है.

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प्लास्टिक कचरे से बनाया पेट्रोल-डीजल (Photo : Getty)
प्लास्टिक कचरे से बनाया पेट्रोल-डीजल (Photo : Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आशुतोष मंगलम की टीम के पास पेटेंट
  • प्लास्टिक कचरे से पहले बनेगा इथेन
  • रोज होगा 175 किलो प्लास्टिक कचरा खत्म

महंगे पेट्रोल-डीजल ने जहां एक तरफ आम-आदमी की कमर तोड़ रखी है. वहीं हर जगह बढ़ रहा प्लास्टिक कचरा पर्यावरण और आम लोगों के स्वास्थ्य को भी खराब कर रहा है. लेकिन बिहार में युवाओं की एक टीम ने इन दोनों समस्याओं का समाधान एक साथ निकाल लिया है. उन्होंने प्लास्टिक कचरे से ईंधन तैयार किया है.

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प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल-डीजल बनाने का काम शुरू

बिहार के मुजफ्फरपुर के युवाओं की एक टीम ने बेकार बताकर फेंके जाने वाले प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल और डीजल तैयार किया है. उनके इस कदम से जहां एक तरफ सस्ते पेट्रोलियम उत्पाद मिल सकेंगे, वहीं प्लास्टिक कचरे के निपटारे का समाधान भी मिलेगा. मुजफ्फरपुर के खरौना गांव में इसका एक प्लांट मंगलवार से शुरू हो गया है. इस प्लांट पर 8 युवाओं की टीम ने मिलकर प्लास्टिक कचरे से बायो पेट्रोल और डीजल बनाने का काम शुरू कर दिया है. इस टीम का नेतृत्व भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI Delhi) के छात्र आशुतोष मंगलम के हाथों में हैं. उनके साथ इस टीम में शिवानी, सुमित कुमार, अमन कुमार और मोहम्मद हसन आदि शामिल हैं. उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर 2019 में इस टेक्नोलॉजी का ट्रायल किया था और सफलता मिलने पर 2020 में इसका पेटेंट कराया.

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ऐसे तैयार होगा प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल-डीजल

प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल और डीजल बनाने की इस प्रोसेस का पेटेंट ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी के नाम पर है. इस प्लांट को लगाने के लिए मंगलम ने अपनी पैतृक जमीन दी है और जिला उद्योग केंद्र की मदद से बैंक से करीब 25 लाख रुपये का लोन मिला है. इस प्लांट में लगी मशीनों से प्लास्टिक कचरे को पहले इथेन में बदला जाएगा. फिर इथेन को आइसो ऑक्टेन में तब्दील कर पेट्रो-केमिकल निकाला जाएगा. प्लांट के लिए नगर निगम प्लास्टिक कचरा उपलब्ध करा रहा है. जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक परिमल कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के तहत ये फैक्ट्री खोली गयी है.

महज इतने रुपये में तैयार होगा कचरे से ईंधन

मुजफ्फरपुर में शुरू हुआ बायो डीजल प्लांट
मुजफ्फरपुर में शुरू हुआ बायो डीजल प्लांट

बिहार सरकार में भूमि राजस्व मंत्री सूरत राय ने मंगलवार को इस प्लांट का उद्घाटन किया. इस प्लांट में एक लीटर बायो डीजल तैयार करने की लागत 62 रुपये आएगी और इसकी बिक्री 70 रुपये प्रति लीटर पर की जा सकेगी. ये यूनिट रोजाना 200 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे से 175 लीटर बायो पेट्रोल-डीजल तैयार करेगी. मंगलम का कहना है कि इससे आम लोगों को भी लाभ मिलेगा. प्लास्टिक कचरे से जो ईंधन तैयार होगा वह पर्यावरण के लिए लाभदायक होगा.

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