निवेशकों के बीच तेजी से पॉपुलर हो रही क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में शुक्रवार को बड़े पैमाने पर बिकवाली देखी गई. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin भी इससे अछूती नहीं रही. शुक्रवार को Bitcoin में 5% की गिरावट देखी गई. ये अब एक बिटकॉइन की कीमत 41,000 डॉलर (करीब 30,47,600 रुपये) से नीचे आ गई है.
13 साल बाद भी अस्थिर बिटकॉइन
दुनिया को बिटकॉइन के बारे में करीब 13 साल पहले पता चला था, लेकिन अभी भी इसमें बहुत उतार-चढ़ाव देखा जाता है और यह लगातार अस्थिर बनी हुई है. शुक्रवार को बिटकॉइन का मूल्य 29 सितंबर के बाद का सबसे निचला स्तर है. नवंबर में इसने 69,000 डॉलर (लगभग 51,28,900 रुपये) के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ था और तब से अब तक इसमें 40% की गिरावट आ चुकी है.
कजाकिस्तान में इंटरनेट बंद होने का असर
कजाकिस्तान में इंटरनेट बंद किए जाने के बाद Bitcoin की वैल्यू में इस हफ्ते तेजी से गिरावट दर्ज की गई है. इसकी ग्लोबल कंप्यूटिंग पॉवर भी गिरी है. कजाकिस्तान में इन दिनों क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग की इंडस्ट्री बहुत तेजी से पांव पसार रही है.
फेडरल रिजर्व की वजह से बढ़ा दबाव
Bitcoin पर यूएस फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्यौरा जारी होने के बाद दबाव बढ़ा है. फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी बैठक का ब्योरा जारी किया था. इससे ऐसा लगात है कि फेडरल रिजर्व बाजार के लिए अधिक आक्रामक पॉलिसी अपना सकता है. इससे मार्केट में जोखिम वाले एसेट्स को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी में कमी आई है.
सिंगापुर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म स्टैक फंड्स के सीओओ मैथ्यू डिब ने कहा, "हम लगभग सभी बाजारों में अभी बड़े पैमाने पर जोखिम कम करने का सेंटिमेंट देख रहे हैं, क्योंकि अटकलबाजों के दिमाग में अभी महंगाई दर और ब्याज दर में वृद्धि से जुड़ी चिंता चल रही है."
मार्केट कैप के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो टोकन Ether 8.6% की गिरावट के साथ 3114 डॉलर (लगभग 2,31,470 रुपये) के स्तर पर आ गया है. यह अक्टूबर के बाद से क्रिप्टो का सबसे निचला स्तर है.