अगर आपको भी देश के आम बजट हो जानने की ललक रहती है. तो फिर ये खबर आपके काम की हो सकती है. इस खास ABCD को अच्छे से समझ लीजिए, क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब 1 फरवरी 2022 को अपना चौथा बजट पेश करेंगी तो आपको उनके भाषण में ये शब्द सुनने को मिल सकते हैं...
A से Annual Financial Statement
बजट वाले दिन वित्त मंत्री संसद में करीब 10 दस्तावेज पेश करती है. इसमें सबसे अहम दस्तावेज Annual Financial Statement होता है. इस दस्तावेज में सरकार हर वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल से 31 मार्च तक के बीच उसकी आय और खर्च का ब्यौरा देती है.
B से Budget Estimates
वित्त मंत्री के बजट भाषण में आपको बार-बार एक शब्द सुनाई Budget Estimates सुनाई देगा. सरकार अगले वित्त वर्ष के बजट में हर मंत्रालय के लिए एक निश्चित राशि का आवंटन करती है. यह उस मंत्रालय के लिए सरकार द्वारा खर्च किया जाने वाला Budget Estimates होता है.
C से Current Account Deficit
बजट भाषण में वित्त मंत्री जब दूसरे देशों को बेचे गए सामान (निर्यात) से आए पैसे और दूसरे देशों से सामान खरीदने (आयात) पर खर्च हुए पैसों का अंतर बताती हैं, और हमारे आयात का बिल निर्यात से ज्यादा होता है तो समझ जाइए वो देश के चालू खाते के घाटे यानी Current Account Deficit के बारे में बात कर रही हैं.
D से Disinvestment
सरकार जब अपनी किसी कंपनी की कुछ हिस्सेदारी या पूरी तरह बेचती है. या फिर अपने किसी एसेट को बेचकर पैसा कमाती है, तो उसे विनिवेश या Disinvestment कहा जाता है. सबसे ताजा उदाहरण Air India का है, जिसे Tata को सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये में बेचा है.
D से आप Direct Tax को भी समझ सकते हैं. सरकार सीधे तौर पर आपसे जो टैक्स वसूलती है वो प्रत्यक्ष कर यानी Direct Tax होता है. जैसे Income Tax वगैरह-वगैरह.
E से Economic Survey
बजट पेश करने से एक दिन पहले संसद में सरकार Economic Survey पेश करती है. ये बीते साल देश की अर्थव्यवस्था का क्या रुख रहा, किस सेक्टर में कैसा ट्रेंड देखा गया, इसकी एक समीक्षा होती है. साथ ही इस बात का एनालिसिस भी कि किस सेक्टर के लिए सरकार की अगले बजट में क्या रूपरेखा हो सकती है.
F से Finance Bill
इसे हिंदी में वित्त विधेयक कहा जाता है. सरकार बजट में जो नए टैक्स लगाती है. सरकार के खर्च और उधारी का जो ब्यौरा देती है, उसे संसद की मंजूरी इसी विधेयक के माध्यम से मिलती है. ये विधेयक सरकार के बजट और वित्तीय प्रस्तावों को संसद की मान्यता देता है. F से आप Fiscal Deficit को भी समझ सकते हैं. जब सरकार का खर्च उसकी आय से अधिक हो जाता है तो ये उसका राजकोषीय घाटा यानी फिस्कल डेफिसिट कहलाता है.
G से GDP
ये शब्द आपने कई बार इधर-उधर सुना होगा. GDP का फुल फॉर्म Gross Domestic Product होता है, हिंदी में इसे सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है. इसका सीधा सिंपल अर्थ ये होताा है कि एक साल में किसी देश के भीतर जितनी भी वस्तुऐं और सेवाओं का उत्पादन होता है, उनका मूल्य क्या है. ये देश की आर्थिक वृद्धि को नापने का एक तरीका है.
H से HNI
जिन लोगों की आय बहुत अधिक होती है. उन्हें वित्तीय भाषा में High Income Indivisuals (HNI) कहा जाता है. आसान भाषा में कहें तो मुकेश अंबानी जैसे उद्योगपति या कोई अमिताभ बच्चन जितना बड़ा फिल्मस्टार वगैरह. गरीब लोगों पर कर का बोझ कम पड़े इसलिए सरकार ऐसे लोगों से थोड़ा एक्स्ट्रा टैक्स लेती है. ये टैक्स उनके इनकम टैक्स पर सरचार्ज के रूप में लिया जाता है.
I से Indirect Tax
वो टैक्स जो आप सरकार को सीधे नहीं देते, बल्कि किसी सामान को खरीदने पर या सेवा के उपयोग पर सरकार आपसे वसूलती है, अप्रत्यक्ष कर यानी Indirect Tax होता है. जैसे जीएसटी (GST) . I से एक और शब्द बजट भाषण में सुनने को मिलता है Inflation, इसका सीधा अर्थ महंगाई होता है. यानी किसी वस्तु का दाम एक निश्चित समयसीमा में कितना बढ़ा है, जब इसकी गणना की जाती है तो पता चलता है कि वह वस्तु कितनी महंगी हो गई.
J से Jargon
आमतौर पर बजट भाषण ऐसे शब्दों से भरा होता है, जिसे उस क्षेत्र से जुड़े लोग या विशेषज्ञ ही समझ सकते हैं. ये असल में बेहद तकनीकी शब्द होते हैं जिन्हें आम इंसान के लिए समझना ’रॉकेट साइंस’ जैसा होता है. इन्हें ही Jargon कहा जाता है. इस खबर में हम ऐसे ही Jargon को आसान बना रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने विरोधियों पर निशाना साधने के लिए कई बार कहती सुनी गई हैं कि वो Business Jargon का इस्तेमाल कम करती हैं.
K से K-Shaped Recovery
कोरोना के बाद अर्थव्यवस्था से जुड़ा ये एक नया टर्म बार-बार सामने आया है. K-Shaped Recovery का मतलब ऐसी स्थिति से होता है, जब अर्थव्यवस्था में सुधार तो हो रहा होता है लेकिन वो एक सही दिशा में नहीं बढ़ता बल्कि इस स्थिति में बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार रह जाते हैं, जबकि कुछ अमीर लोग शेयर बाजार वगैरह से पैसे बना लेते हैं.
L से Long Term Capital Gains
कैपिटल गेन्स का मतलब किसी पुराने निवेश की बिक्री पर होने वाला लाभ होता है. जैसे आप कोई मकान 1 लाख का खरीदें और कुछ साल बाद उसे 4 लाख में बेच दें तो इससे आपकी जमा पूंजी पर जो लाभ हुआ वो पूंजीगत लाभ यानी कैपिटल गेन हुआ. आयकर कानून में इस तरह के लाभ पर टैक्स लगता है. लंबी अवधि में होने वाला लाभ Long Term Capital Gain, छोटी अवधि में Short Term Capital Gain होता है. हालांकि शेयरों के मामले में 1 साल की अवधि को Long Term, जबकि रीयल एस्टेट के मामले में 2 साल की अवधि को Long Term कहा जाता है.
M से Minimum Alternate Tax
जो कंपनियां इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती है और किसी तरह का टैक्स नहीं भरती है. उनसे टैक्स वसूलने के लिए सरकार ने ये Minimum Alternate Tax बनाया है.
N से Non-Plan Expenditure
बजट के हिसाब से सरकार जो भी खर्च करती है, वो दो हिस्सों में Plan Expenditure और Non-Plan Expenditure के रूप में करती है. इसमें Non-Plan Expenditure वो खर्च होता है जो प्रोडक्टिव सेक्टर पर खर्च नहीं होता, जैसे सैलरी, सब्सिडी और ब्याज वगैरह. वहीं Plan Expenditure वो होता है जो सरकार मंत्रालयों की योजनाओं पर खर्च करती है. या किसी तरह की संपत्ति, इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने पर खर्च करती है.
O से Outcome Budget
आउटकम बजट का मतलब एक तरह से बजट के खर्चे का हिसाब लेना होता है. सरकार ने पिछले बजट में किस मंत्रालय को कितना रुपया दिया और उसने उसका खर्च कैसे किया इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट ही आउटकम बजट कहलाती है.
P से Public Account
ऐसी राशि जो सरकार के पास प्रोविडेंड फंड, लघु बचत के रूप में आती है, उसे सरकार एक अलग खाते में रखती है और इसका उपयोग करती है. क्योंकि ये राशि असल में सरकार की नहीं होती, बल्कि लोगों और प्रोविडेंड फंड अथॉरिटी की होती है, जो सरकार को उन्हें वापस करनी होती है.
Q से Quarterly Review
भारत में वित्त वर्ष के हर तीन महीने में जीडीपी की समीक्षा की जाती है. इससे पता चलता है कि अर्थव्यस्था किस ओर जा रही है. इसे ही तिमाही समीक्षा यानी Quarterly Review कहा जाता है.
R से Revenue Deficit
Revenue Deficit आसान भाषा में समझें तो ऐसा घाटा जब सरकार का राजस्व व्यय उसकी राजस्व आय से अधिक हो जाता है. ये तब होता है जब सरकार की राजस्व आय उसकी बजट में अनुमानित आय के बराबर नहीं होती.
S से Securities Transaction Tax
जब आप शेयर बाजार पर लिस्टेड किसी शेयर, डेरिवेटिव, म्यूचुअल फंड की यूनिट्स इत्यादि को खरीदते और बेचते हो तो सरकार आपसे जो टैक्स वसूलती है वो Securities Transaction Tax होता है.
T से Treasury Bills
जब सरकार छोटी अवधि के लिए बाजार से पैसा उठाती है तो इसके लिए Treasury Bills जारी करती है. इसकी मैक्सिमम मैच्योरिटी अवधि 364 दिन होती है.
U से Union Budget
केंद्र सरकार जो बजट पेश करती है उसे असल में Union Budget कहते हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-112 में इसे परिभाषित किया गया है. सामान्य भाषा में इसे ही आम बजट कहा जाता है.
V से VAT
वैसे तो GST आने के बाद अधिकतर वस्तुओं पर से इस अप्रत्यक्ष कर को हटा दिया गया है. लेकिन पेट्रोल-डीजल जैसी कमोडिटी पर अभी भी इस टैक्स की वसूली होती है. ये टैक्स किसी वस्तु की उत्पादन लागत और उत्पादित वस्तु के मूल्य के अंतर पर लगता है. इसे Value Added Tax यानी मूल्यवर्द्धित कर कहा जाता है.
W से Wealth Tax
भारत में इस तरह का टैक्स अभी लगता नहीं है, लेकिन इस पर अक्सर चर्चा होती रहती है. इस टैक्स लेना देना अमीर लोगों से है. ये टैक्स लक्जरी सामान पर और उन लोगों से लिया जाता है जिनके पास अकूत संपत्ति होती है.
Z से Zero Based Budget
ऐसा बजट जो बिल्कुल शुरू से शुरू होता है. मतलब इस तरह के बजट में पिछले बजट की बची हुई राशि को कैरी-फॉरवर्ड नहीं किया जाता.
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