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BT MindRush: जब खुद के लिए ही Oyo पर कमरा बुक नहीं कर सके, फाउंडर रितेश अग्रवाल ने सुनाया ये किस्सा

रितेश अग्रवाल ने कहा कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में हर कुछ साल में ऐसा मौका आता है, जब कुछ सेक्टर की कंपनियां बेहतर कर रही होती हैं और कुछ को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. जो कंपनियां इन चुनौतियों से सीखती हैं वो आने वाले सालों में बेहतर काम करती हैं. कोविड के दौरान हमने भी ऐसी चुनौतियों का सामना किया.

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ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल (Photo: Hemant Rawat)
ओयो के फाउंडर रितेश अग्रवाल (Photo: Hemant Rawat)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Oyo पर हर दिन 1 लाख से ज्यादा बुकिंग
  • आने वाले दिनों में दिखेंगे प्रॉफिट वाले यूनिकॉर्न

भारत में बजट होटल इंडस्ट्री को बदलकर रख देने वाली कंपनी Oyo के फाउंडर रितेश अग्रवाल ने बिजनेस टुडे माइंड रश (BT MindRush) में अनोखा किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि ओयो पर बुकिंग की डिमांड ऐसी है कि एक बार तो वो खुद के लिए भी होटल रूम बुक नहीं कर सके.

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Oyo पर हर दिन 1 लाख से ज्यादा बुकिंग
कोविड के बाद ट्रैवल इंडस्ट्री में फिर से उछाल देखने को मिल रहा है. इसे लेकर Oyo के फाउंडर रितेश अग्रवाल का कहना है कि ये उनकी कंपनी के लिए अच्छा है. वैसे भी स्टार्टअप इकोसिस्टम में हर कुछ साल में ऐसा मौका आता है, जब कुछ सेक्टर की कंपनियां बेहतर कर रही होती हैं और कुछ को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. जो कंपनियां इन चुनौतियों से सीखती हैं वो आने वाले सालों में बेहतर काम करती हैं. कोविड के दौरान हमने भी ऐसी चुनौतियों का सामना किया. मई में हमने हर दिन 1.7 लाख से ज्यादा बुकिंग कीं.

खुद के लिए बुक नहीं कर पाए होटल रूम
कार्यक्रम के दौरान रितेश अग्रवाल ने बताया कि कोविड के दौरान उनकी कंपनी के होटल कोई बिजनेस नहीं कर रहे थे, लेकिन जो भी सेक्टर कोविड के दौरान निगेटिव इम्पैक्ट का सामना कर रहे थे अब वो फिर से ओपन हो रहे हैं. ऐसे में ट्रैवल बूम बैक कर रहा है. आज की तारीख में अगर हफ्ते की शुरुआत में आप वीकेंड प्लान करें तो होटल रूम पाना बहुत मुश्किल है. पिछले हफ्ते मैं खुद बनारस में था और Oyo पर खुद के लिए ही रूम बुक नहीं कर सका.

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आने वाले दिनों में दिखेंगे प्रॉफिट वाले यूनिकॉर्न
रितेश ने इंडिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम के आने वाले दिनों के बेहतर होने की बात कही. उन्होंने कहा कि अभी हम स्टार्टअप और यूनिकॉर्न की गिनती करते हैं, लेकिन आने वाले दिनों में ऐसा होगा जब प्रॉफिट कमाने वाले यूनिकॉर्न की संख्या ज्यादा होगी. यूनिकॉर्न ऐसे स्टार्टअप्स को कहते हैं जिनकी वैल्यूएशन एक अरब डॉलर से अधिक होती है.

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