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स्टील इंडस्ट्री को लगेंगे निवेश के पंख, PLI से पैदा होंगे इतने लाख रोज़गार

केन्द्र सरकार ने स्टील उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI  Scheme) को मंजूरी दे दी. सरकार के इस कदम से देश में विशेष तरह का इस्पात तैयार होगा और कई लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. जानें पूरी बात

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स्टील इंडस्ट्री को लगेंगे पंख मिलेगा लाखों को रोज़गार (Photo : SAIL)
स्टील इंडस्ट्री को लगेंगे पंख मिलेगा लाखों को रोज़गार (Photo : SAIL)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ‘PLI स्कीम से देश में बढ़ेगा स्पेशलाइज्ड स्टील का उत्पादन’
  • ‘अभी 40 लाख टन स्पेशलाइज्ड स्टील का होता है आयात’
  • ‘स्कीम से छोटे-बड़े सभी मैन्युफैक्चर्स को होगा लाभ’

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को स्टील इंडस्ट्री के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI  Scheme) को मंजूरी दे दी. देश में विशेष इस्पात के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए स्टील सेक्टर के लिए भी PLI स्कीम को मंजूरी दी गई है. इससे सेक्टर में बड़ा निवेश आएगा और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा.

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PM मोदी का फैसला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्टील सेक्टर के लिए PLI Scheme को मंजूरी दे दी गई. ये योजना वित्त वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक मान्य रहेगी. इससे देश में स्पेशलाइज्ड स्टील की उत्पादन क्षमता में 2.5 करोड़ टन का इजाफ़ा होने की उम्मीद है.

स्टील सेक्टर में बरसेगा निवेश

सरकार का अनुमान है कि इस स्कीम से स्टील सेक्टर में निवेश की बरसात होगी और लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा.  PLI Scheme के तहत सरकार इस सेक्टर को 6,322 करोड़ रुपये प्रोत्साहन के तौर पर देगी. इस योजना से देश में 2.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के स्पेशलाइज्ड स्टील के उत्पादन और खपत का अनुमान है, जिसका अभी मुख्य तौर पर आयात किया जाता है. 

इतना आयात होता है स्पेशलाइज्ड स्टील

वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान देश में कुल 10.2 करोड़ टन स्टील का उत्पादन हुआ. इसमें से स्पेशलाइज्ड स्टील का उत्पादन मात्र 1.8 करोड़ टन ही रहा. जबकि इसी अवधि में देश में 67 लाख टन इस्पात का आयात किया गया. इसमें से करीब 40 लाख टन स्पेशलाइज्ड स्टील था. इससे देश का 30,000 करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा व्यय हुआ. सरकार को उम्मीद है कि इस उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (PLI  Scheme) से देश में स्पेशलाइज्ड स्टील का उत्पादन 2026-27 तक 4.2 करोड़ टन हो जाएगा.

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निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा

सरकार का मानना है कि स्टील सेक्टर की  PLI Scheme से देश से स्पेशलाइज्ड स्टील का निर्यात भी बढ़ेगा. अभी ये 17 लाख टन सालाना है जिसके बढ़कर 55 लाख टन होने का अनुमान है और इससे 33,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा आय भी होगी.

इन मैन्युफैक्चर्स को मिलेगा फायदा

सरकार की PLI स्कीम का फायदा बड़े मैन्युफैक्सर्च के साथ-साथ छोटे मैन्युफैक्चर्स को भी मिलेगा. इन्हें इन 5 तरह के स्टील कोटेड/प्लेटेड स्टील, हाई स्ट्रेंथ/ वियररेजिस्टेंटस्टील, स्पेशियलटी रेल, अलॉय स्टील उत्पाद और स्टील वॉयर और इलेक्ट्रिकल स्टील का उत्पादन करना होगा. इन कैटेगरी के स्टील का उत्पादन करने से भारत के वैश्विक स्टील सप्लाई चेन में कोरिया और जापान के समकक्ष आने की उम्मीद है.

इतना ही नहीं इन कैटेगरी के स्टील से भारत में एपीआई ग्रेड पाइप, हेड हार्डेन्ड रेल, इलैक्ट्रिकल स्टील (ट्रांसफार्मर और विद्युत उपकरणों में आवश्यक) जैसे प्रोडक्ट्स का बनना शुरू हो सकता है. अभी देश में इनका फिलहाल बहुत ही सीमित मात्रा में या बिल्कुल भी विनिर्माण नहीं होता है.

मिलेगा 5.25 लाख लोगों को रोज़गार

सरकार का अनुमान है कि इस निवेश और स्कीम से स्टील सेक्टर में करीब 5,25,000 लोगों को रोजगार मिलेगा. इसमें भी 68,000 लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर रोज़गार मिलने की उम्मीद है.

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