त्योहारी सीजन में देश के एक और सरकारी बैंक ने अपने ग्राहकों को झटका दिया है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के रेपो रेट (Repo Rate) बढ़ाने के बाद अब केनरा बैंक (Canara Bank) ने भी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) और मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को बढ़ा दिया है. केनरा बैंक के इस कदम से लोन महंगा हो जाएगा और जिन्होंने पहले से ही लोन ले रखा है उनकी EMI बढ़ जाएगी. हाल ही में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद से देश के कई बैंकों ने लोन की ब्याज दरों में इजाफा कर दिया है.
महंगा होगा कर्ज बढ़ेगी EMI
केनरा बैंक (Canara Bank) ने सभी अवधि के लिए अपने MCLR और RLLR में 15 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है. इस वजह से ग्राहकों पर अब EMI का बोझ अधिक पड़ेगा. बैंक के अनुसार, नई दरें 7 अक्टूबर से प्रभावी हो गई हैं.
क्या है MCLR?
किसी भी बैंक के MCLR में बढ़ोतरी से कार, पर्सनल और होम लोन महंगा हो जाता है. MCLR बढ़ने से आपके लोन की ईएमआई बढ़ जाती है. नए लोन लेने वालों के लिए MCLR का बढ़ना अच्छा नहीं है. इससे उन्हें ज्यादा महंगा कर्ज मिलेगा. मौजूदा ग्राहकों के लिए लोन की ईएमआई तब बढ़ेगी जब लोन की रीसेट डेट आएगी. MCLR वो न्यूनतम दर है जिस पर बैंक ग्राहकों को कर्ज ऑफर करते हैं.
कितनी हुई है बढ़ोतरी
केनरा बैंक के MCLR में 15 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने की वजह से लोन की रेट में बढ़ोतरी हुई है. ओवर नाइट के लिए MCLR को 6.90 फीसदी से बढ़ाकर 7.05 फीसदी कर दिया गया है. 3 महीने का MCLR रेट 7.40 फीसद और 6 महीने का MCLR रेट 7.65 फीसद हो गया है. वहीं, एक साल के लिए केनरा बैंक का MCLR रेट एक बेसिस प्वाइंट बढ़कर 7.90 फीसद हो गया है.
स्टेट बैंक भी महंगा कर चुका है लोन
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपना एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिग रेट (EBLR) और रेपो रेट से संबंधित उधार दर RLLR में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी पहले ही कर चुका है. इसके अलावा ICICI बैंक ने भी अपना कर्ज महंगा कर दिया है. महंगाई पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक इस साल मई से लेकर अब तक चार बार रेपो रेट में इजाफा कर चुका है. रिजर्व बैंक ने मई से सितंबर के बीच कुल चार बार रेपो रेट में इजाफा किया है. देश में खुदरा महंगाई दर लगातार RBI के तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है.