अगर आप रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं और आपके बिल में सर्विस चार्ज जोड़कर भुगतान के लिए बोला जाता है, तो अब ऐसा नहीं होगा. दरअसल, सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने सर्विस चार्ज को लेकर नए नियम (Service Charge Guidelines) बनाए हैं. यानी अब मनमाना सर्विस चार्ज वसूलने पर लगाम लग सकेगी.
सीसीपीए ने जारी किए दिशा-निर्देश
CCPA के सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक, कोई भी रेस्टोरेंट अपने यहां आने वाले को ग्राहक को सेवाएं मुहैया कराने के नाम पर किसी तरह का सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकता. सीसीपीए ने सर्विस चार्ज को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस करार देते हुए ऐसे स्थानों पर स्वचालित रूप से या बिल में डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज लगाने पर रोक लगा दी है. इस संबंध में जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि होटल और रेस्टोरेंट में दिए जाने वाले खाने की कीमत में फूड और सर्विस पहले से ही शामिल होते हैं.
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले
इसी हफ्ते 2 जुलाई को सर्विस चार्ज वसूले जाने से संबंधित एक ऐसा मामला सामने आया था, जो कि चर्चा का विषय बन गया. दरअसल, दिल्ली से भोपाल के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री ने अपने चाय के बिल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बताया कि 20 रुपये की चाय के बिल पर 50 रुपये का सर्विस चार्ज वसूला गया था. यानी यात्री को कुल मिलाकर 70 रुपये का भुगतान करना पड़ा था. इस पोस्ट के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आईआरसीटीसी की जमकर किरकिरी हुई थी. इसके अलावा भी इस तरह के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं.
ग्राहकों को नहीं कर सकते मजबूर
अथॉरिटी ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा है कि कोई भी होटल या रेस्टोरेंट किसी उपभोक्ता को सेवा शुल्क (Service Charge) का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है. उपभोक्ता को स्पष्ट रूप से सूचित करना होगा कि सर्विस चार्ज स्वैच्छिक, वैकल्पिक है और उपभोक्ता पर निर्भर करता है कि उसे सेवाओं से खुश होकर देना है या नहीं.
ग्राहक यहां कर सकता है शिकायत
इसके अलावा सीसीपीए ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि यदि उपभोक्ता पाता है कि कोई होटल या रेस्टोरेंट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सर्विस चार्ज वसूल रहा है, तो उपभोक्ता संबंधित होटल या रेस्टोरेंट से बिल की राशि में जोड़े गए चार्ज को हटाने का अनुरोध कर सकता है। इसके अलावा, वह राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर शिकायत दर्ज करा सकता है. शिकायत को 1915 पर कॉल करके भी दर्ज कराई जा सकती है.
सर्विस चार्ज देना ग्राहक की मर्जी
इस संबंध में जारी नए नियम के अनुसार, सर्विस चार्ज देना या नहीं देना पूरी तरह से उपभोक्ता पर निर्भर करेगा, रेस्टोरेंट इसके लिए जबरदस्ती नहीं कर सकेगा. अपनी शिकायत को उपभोक्ता (www.e-daakhil.nic) पर भी दर्ज करा सकते हैं या फिर जिला कलेक्टर के पास भी इसकी शिकायत कराई जा सकती है. मामले की जांच के बाद दर्ज शिकायत सीसीपीए के पास भेजी जाएगी.