खबर आ रही थी कि देश के पुराने बैंकों में से एक Central Bank of India अपनी लगभग 600 ब्रांच को बंद करने जा रहा है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ने अब आधिकारिक जवाब दिया है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने पिछले दिनों खबर दी थी कि सार्वजनिक क्षेत्र का Central Bank अपनी कुल बैंक शाखाओं में से 13% को बंद करेगा. ये संख्या 600 के बराबर बैठती है. लेकिन अब बैंक ने आधिकारिक बयान जारी कर इस खबर का खंडन किया है.
बैंक का कहना है, ' वित्त वर्ष 2022-2023 में बड़ी संख्या में ब्रांच बंद करने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं किया गया है.'
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को कुछ अन्य सरकारी बैंकों के साथ 2017 में रिजर्व बैंक (RBI) के पीसीए (PCA) के दायरे में डाला गया था. हालांकि तब से अब तक सिर्फ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को छोड़ बाकी के सारे बैंकों ने अपनी फाइनेंशियल कंडीशन ठीक कर ली और लिस्ट से बाहर आ गए.
रॉयटर्स ने खबर दी थी कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank Of India) को फाइनेंशियल कंडीशन (Financial Condition) बेहतर बनाने के लिए अपने कई ब्रांचेज को बंद करना पड़ रहा है. इसमें वैसी ब्रांचेज शामिल हैं जो या तो कई साल से घाटे में चल रही हैं या अच्छा बिजनेस कर पाने में नाकामयाब हैं.
100 साल से ज्यादा पुराने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पास अभी 4,594 ब्रांचेज का बड़ा नेटवर्क है. खबर के मुताबिक बैंक की योजना कुछ ब्रांचेज को पूरी तरह से बंद करने और कुछ को आस-पास के ब्रांचेज को मिलाने की थी.
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