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कोरोना काल में नहीं घटा सरकार का राजस्व, जीएसटी समेत कुल Indirect Tax संग्रह 12% बढ़ा!

केन्द्र सरकार ने 2020-21 के अप्रत्यक्ष कर संग्रह के शुरुआती आंकड़े जारी कर दिए हैं. कोरोना काल में भी सरकार का राजस्व संग्रह बढ़ा है. केन्द्र सरकार का जीएसटी संग्रह उसके संशोधित अनुमान का 106% रहा है. जबकि जीएसटी समेत कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह इससे पिछले वित्त वर्ष की कुल प्राप्ति के मुकाबले 12% बढ़ा है.

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बढ़ा सरकार का कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह (सांकेतिक फोटो)
बढ़ा सरकार का कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सीमाशुल्क से आया 21% अधिक पैसा
  • संशोधित अनुमान का 106% है जीएसटी

केन्द्र सरकार ने 2020-21 के अप्रत्यक्ष कर संग्रह के शुरुआती आंकड़े जारी कर दिए हैं. कोरोना काल में भी सरकार का राजस्व संग्रह बढ़ा है. केन्द्र सरकार का जीएसटी संग्रह उसके संशोधित अनुमान का 106% रहा है. जबकि जीएसटी समेत कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह इससे पिछले वित्त वर्ष की कुल प्राप्ति के मुकाबले 12% बढ़ा है.

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संशोधित अनुमान का 106% हा जीएसटी
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक केन्द्र सरकार का शुद्ध जीएसटी संग्रह 2020-21 में 5.48 लाख करोड़ रुपये रहा है. जबकि 2020-21 के संशोधित अनुमानों में सरकार ने इसके 5.15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था. इस तरह यह सरकार के संशोधित अनुमान का 106% है. केन्द्र सरकार के जीएसटी संग्रह में केन्द्रीय जीएसटी, एकीकृत जीएसटी और जीएसटी पर उपकर आता है.

पिछले साल से घटा है जीएसटी संग्रह
भले जीएसटी कर संग्रह सरकार के संशोधित अनुमानों का 106% रहा हो लेकिन इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 के 5.99 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह से ये कम है. इसकी बड़ी वजह बीते साल लंबी अवधि तक बाजार की रौनक पर लॉकडाउन का असर रहना रही.

कुल अप्रत्यक्ष कर 12% बढ़ा
देश का कुल अप्रत्यक्ष कर संग्रह 2020-21 में 10.71 लाख करोड़ रुपये रहा. इसमें जीएसटी संग्रह के साथ-साथ सीमाशुल्क इत्यादि शामिल हैं. जबकि पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में सरकार का अप्रत्यक्ष कर संग्रह 9.54 लाख करोड़ रुपये था. इस तरह इसमें 12.3% की वृद्धि दर्ज की गई है. हालांकि यह सरकार के संशोधित अनुमान का 108% है.

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सीमाशुल्क से आया 21% अधिक पैसा
सरकार का सीमाशुल्क संग्रह भी 2020-21 में 21% बढ़कर 1.32 लाख रुपये रहा है जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में 1.09 लाख करोड़ रुपये था. वहीं केंद्रीश् उत्पाद शुल्क और सेवाकर के एरियर के तौर पर सरकार को 3.91 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है जो इससे पिछले वत्त वर्ष में 2.45 लाख करोड़ रुपये से 59% अधिक है.

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