बैंकों के बाहर पैसे निकालने के लिए जमा भीड़ और उन्हें रोकने के लिए तैनात तोपें, चीन (China) का ये नजारा बीते दिनों सुर्खियों में रहा था. देश में बैंकों की बदहाली को लेकर बीते काफी समय से चर्चाएं जारी थीं और अब इन हालातों का कारण सामने आ गया है. दरअसल, चीन के सबसे बड़े बैंक घोटाले (Biggest Bank Scam) का खुलासा हुआ है और इस मामले में जांच के दौरान सैकड़ों लोगों की गिरफ्तारी की गई है.
शुचांग शहर से हुई गिरफ्तारी
ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल चाइना में अथॉरिटीज (Central China Authorities) ने सोमवार 29 अगस्त को 580 करोड़ डॉलर (करीब 46.3 हजार करोड़ रुपये) की बैंकिंग धोखाधड़ी (Banking Fraud) के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. अब तक इस महाघोटाले से संबंधित 234 लोगों को हेनान (Henan) प्रांत के शुचांग शहर से गिरफ्तार किया जा चुका है. अथॉरिटीज की मानें तो इसमें और भी लोगों के शामिल होने की संभावना है.
इस तरह की गई बड़ी धोखाधड़ी
रिपोर्ट में कहा गया कि यह मामला लोगों को स्थानीय ग्रामीण बैंकों में जमा पर अधिक ब्याज दर का वादा कर ठगने का है. शुचांग सिटी गवर्नमेंट ने जानकारी देते हुए बताया कि लू यिवेई नाम मास्टरमाइंड ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पहले हेनान की चार बैंकों पर अवैध रूप से कंट्रोल किया.
इसके बाद आरोपियों ने निवेशकों को सालाना 13 से 18 फीसदी की दर से ब्याज का लालच देकर ये फ्रॉड किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने अनहुइ (Anhui) प्रांत स्थित युझोउ शिनमिनशेंग विलेज बैंक भी थी. इन बैंकों में हजारों लोगों का खाता है.
तोपों के जरिए बैंकों की सुरक्षा
गौरतलब है कि बीते 10 जुलाई को हजारों पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (Peoples Bank Of China) की झेग्झौं ब्रांच के बाहर हजारों जमाकर्ता (Investors) अपना पैसा निकालने के लिए पहुंचे थे. इस भीड़ को काबू में करने के लिए बैंकों के बाहर तोपें तैनात कर दी गईं थी. दरअसल, ये भीड़ इस वजह से इकठ्ठा हुई थी, क्योंकि हेनान के बैंकों के ग्राहकों को पता चला थी कि वे अपना पैसा नहीं निकाल सकते हैं. अपनी गाड़ी कमाई को फंसा देख लोग हिंसक प्रदर्शन पर उतारू हो गए थे. बैंकों के बाहर तोपों की तैनाती की खबरें खूब सुर्खियों में रही थीं.
The moment tanks were brought in to protect a bank in China after crisis hit the country.
— The Quest Times (@thequesttimes) July 21, 2022
This is coming on the heels of an announcement by the Henan branch of the Bank of China that depositors' funds are now 'investment products' and cannot be withdrawn pic.twitter.com/2l9q7LOuVr
ऐसे सामने आया सबसे बड़ा घोटाला
18 अप्रैल से हेनान की इन चारों बैंकों ने अपनी ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं को सस्पेंड कर दिया था. इसके बाद ग्राहक ऑनलाइन लेन-देन तक नहीं कर पा रहे थे. इसके बाद बैंकों ने सिस्टम अपग्रेड का हवाला देते हुए ग्राहकों के खातों से निकासी पर रोक लगा दी थी. इसके बाद हेनान और अनहुइ की बैंकों के ग्राहकों को कोविड-19 सेलफोन ऐप पर रेड सिग्नल दिखाई दिया.
इसका मतलब थी कि अब वे कहीं जा नहीं सकते या फिर कहीं से आ नहीं सकते. उन्हें हेनान प्रांत की राजधानी तक पहुंचने से रोका जाने लगा. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. बहरहाल, अब इस घोटाले के उजागर होने के बाद बैंकों की पैरैंट कंपनी की भी जांच की जा रही है.
ग्राहकों को पैसा लौटाने का वादा
चाइना डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने नुकसान की भरपाई में बेहतर रिकवरी का दावा किया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की कानून की मुताबिक पूरी गहराई से जांच की जा रही है. इस बीच बैंक अथॉरिटीज ने कहा कि कुछ खाताधारकों की जमा-पूंजी वापस दी जाएगी. जबकि अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो यह जानना चाहते हैं कि उनका पैसा कब वापस मिलेगा.