दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी को लेकर जो चिंता जताई जा रही थी, वह अब दिखने लगी है. चीन के रियल एस्टेट संकट (Real Estate Crisis) का असर अब बैंकिंग सेक्टर पर भी दिखने लगा है. चीन की बड़ी वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी (Wealth Management Company) ने तो निवेशकों से यहां तक कह दिया है कि वह बिल चुकाने की हालत में नहीं है. उसने निवेशकों से कहा है कि उसके ऊपर 64 अरब डॉलर तक की देनदारी है और खुद को दिवालिया बताया है. चीन की कंपनी के इस तरह के ऐलान से यह चिंता और गहरा गई है कि देश का संपत्ति लोन संकट अन्य फाइनेंस एरिया में फैल रहा है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की फंड मैंनेजमेंट कंपनी Zhongzhi Enterprise Group (ZEG) ने बुधवार को अपनी हालत के बारे में खुलासा किया और कहा कि कंपनी पर 420 युआन यानी 64 अरब डॉलर की देनदारी है, जबकि उसके पास कुल संपत्ति 200 युआन है. कंपनी का कहना है कि लंबे समय से उसका पैसा डेट और इक्विटी में फंसा हुआ है. वहीं कंपनी के पास लिक्विडीटी भी खत्म हो चुकी है. कंपनी का कहना है कि इसकी हालत पूरी तरह से खराब हो चुकी है.
कंपनी करती है इतना फंड मैंनेज
अगस्त के दौरान ही कंपनी पर असर दिखना शुरू हो गया था. जब कंपनी ने ऑडिफ के लिए बिग फोर अकाउंटिंग फर्मों में से एक को काम पर रखा था और रणनीतिक निवेशकों की तलाश कर रही थी. उस दौरान ट्रेस्ट ने कॉरपोरेट इंवेस्टर्स के पेमेंट में डिफॉल्ट किया था. यह कंपनी कुल 87 अरब डॉलर के फंड को मैंनेज करता है. यह चीन की वेल्थ मैंनेजमेंट वाली एक बड़ी कंपनी है और यह निवेशकों को हाई रिटर्न देती है. यह कंपनी शैडो बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी हुई है.
चपेटे में शैडो बैंकिंग सेक्टर
इस बड़ी कंपनी के दिवालियापन के ऐलान के बाद शैडो बैंकिंग सेक्टर पर संकट गहरा गया है. इनमें देश की मिडिल और अपर-मि़डिल क्लास लोगों का निवेश है, जिस कारण डिफॉल्ट की स्थिति में ग्राहकों का भरोसा गिर सकता है और निवेश कम होने के साथ ही बड़ी संख्या में पैसा निकाला भी जा सकता है. कुछ निवेशक झोंगझी की बिगड़ती मुसीबतें संक्रमण के बारे में चिंताओं को फिर से जगाने के लिए तैयार हैं. हालांकि कुछ विश्लेषकों को उम्मीद है कि नियामक व्यापक नतीजों को रोकने के लिए कदम उठाएंगे.
चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव
गौतरतलब है कि पिछल कुछ साल से चीन का रियल एस्टेट सेक्टर गहरे संकट में है. इसकी 25 फीसदी हिस्सेदारी चीन की अर्थव्यवस्था में है, जिस कारण चीन की अर्थव्यवस्था में बड़ी गिरावट होने की उम्मीद है. कई एक्सपर्ट का कहना है कि रियल एस्टेट का ये संकट कई और सेक्टर तक फैल सकता है.