अमेरिकन एयरलाइंस (American Airlines) ने सितंबर महीने में घोषणा की थी कि उसने विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) के साथ कोडशेयर (Codeshare) समझौता किया है. लेकिन इस समझौते को अंतिम रूप तब मिलेगा, जब अमेरिकी सरकार की मंजूरी मिल जाएगी.
इसी कड़ी में अब अमेरिकन एयरलाइंस सरकार से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में है और इस समझौते के मार्च 2022 तक लागू हो जाने की उम्मीद है. अमेरिकन कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सितंबर में हुए कोडशेयर समझौते के मुताबिक अमेरिकी कंपनी को 29 मार्गों पर भारतीय कंपनी की उड़ानों की सीटों को अपनी वितरण प्रणाली पर बेचने की अनुमति होगी.
10 साल बाद न्यूयॉर्क से दिल्ली की उड़ान सेवा बहाल
विमानन भाषा में कोडशेयर समझौता होने पर विमानन सेवाएं यात्रियों को अधिक गंतव्य के विकल्पों की सुविधा देने के लिए एक-दूसरे को अपनी उड़ानों के टिकट बेच सकती हैं. अमेरिकी कंपनी ने 10 साल के अंतराल के बाद 12 नवंबर को न्यूयॉर्क से दिल्ली की उड़ान सेवा बहाल की थी.
अमेरिकन एयरलाइंस के प्रबंधक निदेशक टॉम लैटिग ने PTI से कहा कि विमान सेवा की सिएटल से बेंगलुरू की उड़ान सेवा 4 जनवरी के पूर्व निर्धारित समय के बजाय 25 मार्च को शुरू की जाएगी.
उन्होंने कहा, 'हमने अभी तक कॉरपोरेट यात्रा में सुधार नहीं देखा है. हम जानते हैं कि मार्ग (सिएटल-बेंगलुरू) विशेष रूप से कॉरपोरेट यातायात पर बहुत अधिक निर्भर करेगा और हमने तारीख को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है.'
'वन-स्टॉप' सेवा का मिलेगा फायदा
उन्होंने बताया कि विमानन कंपनी ने विभिन्न कंपनियों के साथ अमेरिका में 2000 से अधिक समझौते किए हैं. भारत-अमेरिका मार्गों और भारत-यूरोप मार्गों पर 'वन-स्टॉप' (मार्ग में एक जगह रुकने वाली) उड़ानें मुहैया कराने वाली कतर एयरवेज और अमीरात एयरलाइंस जैसी विमानन कंपनियां का दबदबा है.
यह पूछे जाने पर कि वह भारत-अमेरिका मार्गों पर खाड़ी विमान वाहकों से चुनौती को कैसे देखते हैं, लैटिग ने कहा कि 'वन-स्टॉप' सेवाओं का हमें फायदा मिलेगा.
क्या भारत सरकार को निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करना चाहिए? इसके जवाब में लैटिग ने कहा, 'यह वास्तव में सरकार को तय करना है कि वे कब इसे बहाल करेगी और कितनी उड़ानों की अनुमति देगी.' उन्होंने कहा, 'सभी अप्रूवल के बाद हम क्रियान्वयन चरण में जाएंगे और 2022 की पहली तिमाही में लागू होने की उम्मीद है.'