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कोरोना काल में 2.51 करोड़ प्रवासी मजदूरों को मिला मुफ्त अनाज, आठ करोड़ का है लक्ष्य

राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने अब तक आठ करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 2.51 करोड़ प्रवासी मजदूरों को ही मुफ्त अनाज वितरित किया है.

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आठ करोड़ का है लक्ष्य
आठ करोड़ का है लक्ष्य
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार ने 8 लाख टन अनाज आवंटित किए
  • राज्यों ने 6.38 लाख टन अनाज ही उठाया

राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत अब तक आठ करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 2.51 करोड़ प्रवासी मजदूरों को ही मुफ्त अनाज वितरित किया है. केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने ये जानकारी दी है.

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इसके साथ ही मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अनाज का कम वितरण यह बताता है कि प्रवासी कामगारों की वास्तविक संख्या कम थी. मंत्रालय ने कहा है कि यदि प्रवासी मजदूर अपने मूल निवास वाले राज्यों में लौट गये हैं तो वह पहले से ही राष्ट्रीय खाद्य सरक्षा कानून (एनएफएसए) या फिर राज्य की राशन कार्ड योजना के तहत खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं.

खाद्य मंत्रालय ने कहा कि योजना के तहत कम लोगों को लाभ मिलने को योजना का कमजोर प्रदर्शन नहीं माना जाना चाहिए क्योंकि आठ करोड़ प्रवासी का आंकड़ा वास्तविक लक्ष्य नहीं माना जाना चाहिए.

अनाज वितरण के लिए 31 अगस्त तक समय
आपको बता दें कि केन्द्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को पांच किलो खाद्यान्न और एक किलो ‘चना’ मुफ्त वितरित करने की घोषणा की थी. यह सुविधा मई और जून दो माह के लिये आठ करोड़ प्रवासियों के लिये शुरू की गई. ऐसे प्रवासी मजदूर जिनके पास न तो केन्द्र और न ही राज्य सरकार का कोई राशन कार्ड है. योजना के तहत राज्यों को अनाज वितरण के लिये 31 अगस्त का समय दिया गया. 

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8 लाख टन अनाज आवंटित

केन्द्र ने इस योजना के तहत राज्यों केन्द्र शासित प्रदेशों को दो माह के लिये 8 लाख टन अनाज का आवंटन किया लेकिन राज्यों ने इसमें से केवल 6.38 लाख टन अनाज ही उठाया. खाद्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘17 अगस्त तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 6.38 लाख टन अनाज में से राज्य अथवा संघ शासित प्रदेशों ने आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत पहचान किये गये प्रवासियों और रास्ते फंसे प्रवासियों को 2.49 लाख टन (39 प्रतिशत) अनाज का ही वितरण कर पाए.’’

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मंत्रालय ने यह भी कहा है कि इस योजना के तहत मुफ्त अनाज वितरण के अलावा कुछ राज्यों जैसे कि उत्तर प्रदेश, बिहार, त्रिपुरा, मणिपुर, जम्मू और कश्मीर ने मार्च 2020 के बाद बिना राशन कार्ड वाले लोगों नये राशन कार्ड भी जारी किये हैं. मंत्रालय का कहना है कि इस दौरान 60- 70 लाख अतिरिक्त लोग भी योजना के दायरे में आये हैं. 
 

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