नई दिल्ली बेस्ड सीमेंट कंपनी डालमिया सीमेंट भारत लिमिटेड (Dalmia Cement Bharat Ltd) की ओर से सोमवार को ऐलान किया गया कि वह जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) के सीमेंट कारोबार को खरीदेगी. यह डील 5,666 करोड़ रुपये में पूरी होगी. स्टॉक मार्केट के भेजी गई सूचना में DCBL ने बताया कि उसने जेपी एसोसिएट्स और उसकी संबद्ध कंपनियों से क्लिंकर, सीमेंट और बिजली संयंत्र के अधिग्रहण को लेकर पक्का समझौता किया है.
Dalmia ने तय किया ये लक्ष्य
पीटीआई के मुताबिक, इस बड़े सौदे में 94 लाख टन सालाना क्षमता की सीमेंट इकाई, 67 लाख टन क्लिंकर क्षमता समेत 280 मेगावॉट क्षमता का तापीय बिजलीघर शामिल हैं. जिन एसेट्स को डालमिया द्वारा खरीदा जा रहा है वे सभी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में स्थित हैं. डालमिया भारत की ओर से बताया गया कि यह सौदा कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 तक 7.5 करोड़ टन और 2030-31 तक 11 से 13 करोड़ टन क्षमता की सीमेंट कंपनी बनने के लक्ष्य को पाने की दिशा में बड़ा कदम है.
कर्जदातों की मंजूरी मिलना बाकी
डालमिया भारत लिमिटेड और जेपी एसोसिएट्स के बीच यह डील हालांकि, कर्जदाताओं और रेग्युलेटरी अथॉरिटीज के अप्रूवल पर निर्भर है. रिपोर्ट के मुताबिक, JP Associates की ओर से अधिग्रहण से संबंधित कदमों के बारे में जानकारी देने के लिए एक बैठक बुलाई गई है. गौरतलब है कि जय प्रकाश एसोसिएट्स की कुल क्षमता वर्तमान में करीब 60 लाख टन सालाना है, जबकि जयप्रकाश पावर वेंचर्स की क्षमता 40 लाख टन सालाना है.
डालमिया चौथी बड़ी सीमेंट कंपनी
डालमिया सीमेंट (Dalmia Cement) की स्थापना 1939 में की गई थी और क्षमता के हिसाब से देखें तो यह देश की चौथी सबसे बड़ी सीमेंट निर्माण कंपनी है. कंपनी की देश के 10 राज्यों में मौजूदगी है और इसकी 14 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं. बता दें जय प्रकाश एसोसिएट्स और जयप्रकाश पावर वेंचर्स ने अक्टूबर 2022 में अपने कर्ज को कम करने के उद्देश्य से सीमेंट बिजनेस समेत अन्य गैर-प्रमुख काराबेार बेचने की योजना का खुलासा किया था.
सीमेंट सेक्टर में बढ़ेगा कॉम्पिटीशन
डालमिया और जेपी एसोसिएट्स के बीच इस डील के बाद देश के सीमेंट सेक्टर (Cement Sector) में कॉम्पिटीशन बढ़ने वाला है. हाल ही में इस सेक्टर में एशिया के सबसे रईस व्यक्ति गौतम अडानी (Gautam Adani) ने भी जोरदार एंट्री मारी है. अडानी ग्रुप ने सिंगापुर के होल्सिम ग्रुप की दिग्गज सीमेंट कंपनी Ambuja और ACC के भारतीय कारोबार को खरीदा था.