
नोएडा में सेक्टर 18 के बाद दूसरा सबसे फेमस लैंडमार्क बनने वाला मॉल, TGIP यानी द ग्रेट इंडिया प्लेस अब बिकने के लिए तैयार है. कुछ बरस पहले तक इस मॉल के पास देश के सबसे बड़े मॉल का तमगा था. लेकिन अब ये मॉल अपनी पुरानी रौनक खोता जा रहा है. इसकी वजह है कि अब इस मॉल में आने वालों लोगों की संख्या में भारी कमी आ गई है.
लोगों के ना आने से यहां पर मौजूद कई बड़े ब्रांड्स ने भी इस मॉल को अलविदा कह दिया है. ऐसे में ग्राहकों के लिए यहां आने के आकर्षण घटते जा रहे हैं जिससे आने वालों की गिनती और कम होती जा रही है. रही सही कसर कोरोना ने पूरी कर दी है, जिसके बाद ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी का कल्चर बढ़ गया है. इससे भी काफी लोगों के पास इस मॉल में आने की कोई ठोस वजह नहीं बची है.
2007 में बनकर तैयार हुआ था TGIP
आज से करीब 15 साल पहले जब यह मॉल बनने के बाद लोगों के लिए खोला गया था तो यहां पर लोगों का हुजूम नजर आता था. यहां पर शॉपिंग से लेकर रेस्त्रां और फूड कोर्ट्स से लेकर मूवी देखने वालों की भारी भीड़ नजर आती थी. कपड़ों से लेकर खाने पीने तक देश के ज्यादातर बड़े ब्रांड्स इस मॉल में मौजूद थे. यहां पर खाने-पीने, शॉपिंग के अलावा मनोरंजन के लिए मल्टीप्लेक्स तो थे ही साथ ही यहां पर वर्ल्ड्स ऑफ वंडर एम्यूजमेंट पार्क और किडजानिया भी मौजूद हैं, जो खासकर बच्चों के लिए बड़ा आकर्षण है.
2000 करोड़ में चल रही बेचने की बात
TGIP मॉल को अप्पू घर ग्रुप और द यूनिटेक ग्रुप ने मिलकर बनाया था. यह नोएडा सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन के पास सेक्टर 38-ए में स्थित है. लेकिन काफी समय से आर्थिक संकट में घिरे यूनिटेक ग्रुप की क्षमता अब इस मॉल को चलाने की नहीं है. ऊपर से इस मॉल पर करीब 800 करोड़ बैंकों का कर्ज है. ऐसे में मॉल को चलाने के लिए मॉल प्रबंधन को कड़ी मश्क्कत करनी पड़ रही थी. लेकिन जैसे तैसे मॉल को अभी तक चलाया जा रहा था जिसपर कोरोना का ऐसे प्रहार हुआ है कि मॉल को बेचने की नौबत आ गई है. हालांकि मॉल को बेचने की प्रबंधन ने कोई आधिकारिक पुष्टि तो नहीं की है लेकिन जानकारी सामने आई है कि मॉल को करीब 2 हजार करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई गई है.
नए ग्राहक के लिए TGIP में काफी जमीन है
147 एकड़ में बने TGIP का करीब 17 लाख वर्ग फीट एरिया डेवलप है. इसके अलावा बाकी एरिया खाली है यानी नए खरीदार इसका इस्तेमाल मॉल में विस्तार योजनाओं के लिए भी कर सकते हैं जिसमें किसी भी तरह की कमर्शियल बिल्डिंग को बनाया जा सकेगा.
डीएलएफ मॉल (DLF Mall) बनने के बाद से घटी TGIP की लोकप्रियता
2016 तक TGIP में लोगों की खूब भीड़ आती थी. नोएडा के कनॉट प्लेस कहे जाने वाले सेक्टर 18 से सटे हुए इस मॉल में लोगों का आना जाना लगा रहता था. 2015 में नोएडा की पहली राहगीरी भी हर रविवार को इस मॉल के सामने हुआ करती थी. लेकिन 2016 में डीएलएफ मॉल (DLF Mall) बनने के बाद से ही जीआईपी की लोकप्रियता घटने लगी. हालत ये हुई कि TGIP की तरफ आने वाला सारा ट्रैफिक इसकी विपरीत दिशा में बने डीएलफ के मॉल ऑफ इंडिया की तरफ मुड़ गया. पहले तो कई ब्रांड्स दोनों मॉल में बने रहे, लेकिन TGIP में फुटफॉल घटने के बाद धीरे धीरे ज्यातार ब्रांड्स ने यहां से अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया. इसके बाद तो अब TGIP में गिने-चुने ब्रांड्स ही बचे हैं.