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लोकसभा चुनाव में अग्निवीर का मुद्दा खूब उठाया गया, चुनाव के बाद भी संसद से लेकर सड़क तक अग्निवीर मसले को लेकर बयानबाजी चरम पर है. सरकार अग्निपथ स्कीम को हर हाल में सही बता रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि सेना में 4 साल की नौकरी की सही नहीं है, सरकार इसमें बदलाव करे.
दरअसल हमेशा से सेना की नौकरी को समाज में सम्मान से नजरिये से देखा जाता है. कहा भी जाता है कि सभी को देश सेवा का मौका नहीं मिलता है. सरकार कह रही है कि अग्निपथ स्कीम से युवाओं में देश प्रेम बढ़ेगा. यह सेना के लिए गेम चेंजर स्कीम है. इससे सेना भविष्य की चुनौतियों से बेहतर ढंग से निपट सकेगी.
दरअसल, 'अग्निपथ योजना' (Agnipath Scheme) के तहत आर्मी (Army), नेवी (Navy) और एयरफोर्स (Air Force) में जवानों की भर्तियां होंगी. इनका रैंक मौजूदा रैंक से अलग होगा और ये 'अग्निवीर' (Agniveer) कहलाएंगे. इस योजना के तहत हर साल करीब 40-45 हजार युवाओं को सेना में शामिल करने का प्लान है, ये युवा साढ़े 17 साल से 23 साल की उम्र के बीच के होंगे.
अग्निपथ स्कीम के बारे में सबकुछ
अग्निवीर योजना लागू हुए करीब दो साल हो चुके हैं, लेकिन अब भी इस योजना को लेकर विरोध के सुर उठ रहे हैं, लोगों का कहना है कि केवल 4 साल तक नौकरी का मौका मिलेगा, उसके बाद फिर क्या होगा? जबकि इसके जवाब में सरकार का कहना है कि अधिकतर युवा 12वीं के बाद स्किल ट्रेनिंग लेते हैं या हायर एजुकेशन के बाद जॉब ढूंढते हैं. हम युवाओं को एक साथ तीन मौके दे रहे हैं. उन्हें अच्छी सैलरी मिलेगी, चार साल में अच्छा बैंक बैलेंस हो जाएगा. साथ ही जॉब के दौरान उन्हें स्किल ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत उन्हें जो भी फॉर्मल ट्रेनिंग दी जाएगी, उसका क्रेडिट पॉइंट उन्हें मिलेगा. उससे वे चार साल बाद हायर एजुकेशन ले सकते हैं. वे चार साल सेना में रहकर ज्यादा आत्मविश्वास के साथ बाहर जाएंगे.
सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं कि 4 साल के बाद अग्निवीर क्या करेंगे? इस मुद्दे को लेकर अब तक सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) में 10 फीसदी अग्निवीरों को आरक्षण देने का ऐलान किया गया है, यानी अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में 10% आरक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें उम्र में छूट और फिजिकल टेस्ट से भी छूट मिलेगी.
इस बीच हरियाणा में अग्निवीरों को पुलिस भर्ती और माइनिंग गार्ड की भर्ती में 10% का आरक्षण दिया जाएगा. हरियाणा सरकार ने ग्रुप सी पदों पर भर्ती में अग्निवीर के लिए 5 फीसदी आरक्षण की घोषणा की है. साथ ही, जो अग्निवीर 4 साल देश सेवा के बाद खुद का बिजनेस शुरू करना चाहेगा, उसे राज्य सरकार 5 लाख तक का बिना ब्याज लोन देगी.
दरअसल, आखिर में मामला पैसे पर ही आता है. बेरोजगारी के परिपेक्ष्य में देखें तो अग्निवीर को जो सैलरी दी जाएगी, वो ठीक-ठाक है. 4 साल की नौकरी में कुल 23 लाख 43 हजार 160 रुपये मिलेंगे. जिसमें हर महीने की सैलरी के अलावा रिटायरमेंट फंड भी शामिल है. यानी नौकरी के दौरान 4 साल में एक अग्निवीर को कुल 11,72,160 रुपये सैलरी मिलेगी. चार साल की सेवा के बाद फिर रिटायरमेंट फंड के तौर पर एकमुश्त 11,72,160 रुपये मिलेंगे. इस पैसे पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. इसमें आधा योगदान अग्निवीर का रहेगा, और आधा सरकार देगी.
चार साल में कितना मिलेगा?
चार साल की नौकरी में अग्निवीर को पहले साल 30,000 रुपये मासिक सैलरी मिलेगी. दूसरे साल में हर महीने 33000 रुपये, तीसरे साल में 36,5000 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये मासिक सैलरी मिलेगी. इसमें हर महीने सैलरी से 30 फीसद अमाउंट कटेगा और इतनी ही राशि सरकार देगी. सैलरी के अलावा रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, राशन अलाउंस, ड्रेस और ट्रैवल अलाउंस मिलेगा. सामान्य भाषा में कहें तो खाना-पीना, इलाज और रहना सब फ्री.
सबकुछ यानी रिटायरमेंट फंड काटकर अकाउंट में डिपॉजिट होगी इतनी राशि...
पहला साल- 21,000×12= 2,52,000
दूसरा साल- 23,100×12= 2,77,200
तीसरा साल- 25,580×12= 3,06,960
चौथा साल- 28,000×12= 3,36,000
इस तरह से चार साल नौकरी के दौरान अग्निवीर को कुल 11,72,160 रुपये सैलरी मिलेगी. खास बात यह है कि नौकरी के दौरान अगर अग्निवीर चाहें तो पूरी सैलरी की सेविंग कर सकते हैं. क्योंकि सुविधाएं सेना की तरह मिलेंगी. जिसमें खाना, रहना और इलाज फ्री है. साथ ही वर्दी भी मिलती है. ऐसे में युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए सैलरी के तौर पर भी मिली राशि को बचा सकते हैं. युवा के सामने 4 साल में 23 लाख 43 हजार 160 रुपये कमाने का सुनहरा मौका होगा.
कुल वेतन | कटकर बैंक में डिपॉजिट | रिटायरमेंट फंड | |
पहला साल | 30,000×12= 3,60,000 रुपये | 21,000×12= 2,52,000 | 1,08,000 रुपये |
दूसरा साल | 33,000×12= 3,96,000 रुपये | 23,100×12= 2,77,200 | 1,18,800 रुपये |
तीसरा साल | 36,500×12= 4,38,000 रुपये | 25,580×12= 3,06,960 | 1,31,040 रुपये |
चौथा साल | 40,000×12= 4,80,000 रुपये | 28,000×12= 3,36,000 | 1,44,000 रुपये |
कुल= 11,72,160 रुपये | कुल= 5,01,840 रुपये |
बता दें, 21 से 24 की आयु में अग्निवीर कार्यमुक्त हो जाएंगे. लेकिन इस उम्र में एकमुश्त सरकार की तरफ से 11,72,160 रुपये मिलेंगे. इसमें कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. जिसे आप रिटायरमेंट फंड कह सकते हैं. क्योंकि इसमें आधा योगदान अग्निवीर का रहेगा, और आधा सरकार देगी. साथ ही सैलरी के तौर पर मिली राशि को भी बचाकर रखे होंगे. जिससे वो अपने सपनों को साकार कर सकते हैं. हायर एजुकेशन समेत अपना बिजनेस खड़ा कर सकते हैं.
सरकार ने गिनाए फायदे
इन अग्निवीरों में से ही अधिकतम 25 फीसदी को फिर बाद में परमानेंट होने का मौका दिया जाएगा. यानी 4 में से एक अग्निवीर को पक्की नौकरी मिलेगी. सरकार की मानें तो 4 साल आर्मी में रहकर लौटा युवा दूसरों की अपेक्षा नौकरी पाने के लिए ज्यादा योग्य होगा. अग्निवीरों को 4 साल बाद गृहमंत्रालय CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता देगा. बड़ी कंपनियों ने अग्निवीरों को नौकरी देने का ऐलान किया है. 4 साल में अग्निवीरों के लिए ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स होगा. ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स की मान्यता देश विदेश में होगी.
सरकार का तर्क है कि अग्निवीर को सुविधाएं रेगुलर सैनिक की तरह ही मिलेंगी. इसलिए वे चाहें तो सैलरी के तौर पर मिलने वाली राशि को भी बचा सकते हैं. इस पैसे से वो हायर एजुकेशन समेत अपना बिजनेस खड़ा कर सकते हैं. इस भर्ती में पेंशन जैसी कोई स्कीम नहीं है, लेकिन सैलरी में से निधि फंड (Sewa Nidhi Fund) के लिए हर महीने पैसे काटे जाते हैं, जो 4 साल की सर्विस के बाद अग्निवीरों को दिए जाएंगे.
ऑन ड्यूटी जान जाने पर कितना पैसा मिलेगा?
अगर ड्यूटी के दौरान कोई अग्निवीर वीरगति को प्राप्त हो जाते हैं तो परिवारजनों को मुआवजा मिलेगा. आर्मी की वेबसाइट के अनुसार, ऑन ड्यूटी मृत्यु होने पर अग्निवीर के परिवार को 48 लाख रुपये का बीमा कवर, 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, चार साल के कार्यकाल में बचे समय का पूर्ण वेतन और सेवा निधि दी जाती है. इसके अलावा सेवा निधि कोष में जमा राशि और अग्निवीर कॉर्पस फंड से ब्याज सहित सरकारी योगदान भी दिए जाने का प्रावधान है.
अगर ड्यूटी के दौरान मृत्यु नहीं होती है तो क्या मिलता है?
अगर अग्निवीर की मृत्यु ड्यूटी के दौरान नहीं होती है तो परिवारजनों को 48 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाता है लेकिन उसे 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि नहीं दी जाएगी. इसके अलावा अग्निवीर के परिवार को सेवा निधि कोष में जमा राशि और अग्निवीर कॉर्पस फंड से ब्याज सहित सरकारी योगदान मिलेगा.
ड्यूटी के दौरान विकलांग होने पर अग्निवीर को क्या मिलेगा?
अगर कोई अग्निवीर ड्यूटी के दौरान विकलांग हो जाता है, तब भी उसे सरकार की तरफ से राशि दी जाती है. आर्मी की वेबसाइट के मुताबिक, विकलांग होने पर अग्निवीर को विकलांगता के आधार पर राशि दी जाएगी. अगर युवा 100 प्रतिशत विकलांग हो जाता है तो उसे 44 लाख, 50 प्रतिशत पर 25 लाख और 25 प्रतिशत की विकलांगता पर 15 लाख की अनुग्रह राशि दी जाएगी. इसके अलावा चार साल तक का पूर्ण वेतन और सेवा सेवा निधि कोष में जमा राशि और सरकार का योगदान मिलेगा.