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Diesel Price Hike: थोक खरीदारों के लिए महंगा हुआ डीजल, 25 रुपये लीटर बढ़े दाम

Diesel Price Hike: कच्चे तेल में उबाल का असर घरेलू स्तर पर भी दिखने लगा है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बल्क कंज्यूमर्स के लिए डीजल के दाम में 25 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि कर दी है.

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Bulk में डीजल खरीदने वालों को झटका
Bulk में डीजल खरीदने वालों को झटका
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कच्चे तेल का दाम 40% तक चढ़ा
  • पेट्रोल पंपों से फ्यूल खरीदने लगे हैं बल्क यूजर्स

Diesel Price Hike News: इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के रेट में इजाफे का असर अब तक रिटेल कस्टमर्स पर तो नहीं पड़ा है लेकिन बल्क यूजर्स (Bulk Users) को बड़ा झटका लगा है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बल्क यूजर्स के लिए डीजल के दाम में 25 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. हालांकि, पेट्रोल पंप पर रिटेल यूजर्स के लिए रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है. 

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इतने हो गए हैं रेट

दिल्ली में बल्क यूजर्स के लिए डीजल का दाम 115 रुपये पर पहुंच गया है. वहीं, पेट्रोल पंपों पर डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. मुंबई में बल्क यूजर्स को बेचे जा रहे डीजल का दाम बढ़कर 122.05 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि पेट्रोल पंपों पर बिक रहे डीजल का दाम 94.14 रुपये प्रति लीटर पर है. 

Bulk Customers के बारे में जानिए

डिफेंस, रेलवे एंड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन, पावर प्लांट, सीमेंट प्लांट और केमिकल प्लांट मुख्य रूप से बल्क कस्टमर्स में शामिल हैं. ऑयल मार्केटिंग कंपनियां ज्यादा वॉल्यूम में तेल की खपत वाले ग्राहकों की जरूरतों को अलग से Cater करती हैं. कंपनियां इन कस्टमर्स के लिए ऑयल के स्टोरेज और हैंडलिंग के लिए खास तौर पर व्यवस्था करती हैं. 

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136 दिन से स्थिर हैं पेट्रोल, डीजल के रेट

दुनियाभर में तेल और ईंधन के दाम में काफी तेजी देखने को मिली है. इसके बावजूद पीएसयू ऑयल कंपनियों ने रिटेल ग्राहकों के लिए चार नवंबर, 2021 के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा नहीं किया है. 

पेट्रोल पंपों की सेल बढ़ी

पेट्रोल पंप पर ईंधन की बिक्री में इस महीने इजाफा हुआ है. इसकी वजह ये है कि बस ऑपरेटर्स और मॉल्स जैसे बल्क यूजर्स ऑयल कंपनियों से सीधे तेल ऑर्डर करने के बजाय पेट्रोल पंप से फ्यूल खरीद रहे हैं. इससे रिटेलर्स का घाटा और बढ़ गया है.

पेट्रोल पंप बंद करने के विकल्प पर विचार

इस मामले से सीधे तौर पर अवगत तीन सूत्रों ने कहा कि Nayara Energy, Jio-bp और Shell जैसे प्राइवेट रिटेलर्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. ऐसे में 136 दिनों से स्थिर रेट पर पेट्रोल, डीजल बेचने की तुलना में पंप बंद करना कंपनियों को ज्यादा व्यवहारिक विकल्प लग रहा है. 

2008 में रिलायंस ने किया था ये फैसला

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 2008 में देशभर में अपने 1,432 पेट्रोल पंप बंद कर दिए थे. इसकी वजह ये है कि कंपनी की सेल बिल्कुल Nil हो गई थी क्योंकि कंपनी पब्लिक सेक्टर कंपनियों द्वारा रियायती दरों पर बेचे जा रहे तेल के रेट को मैच नहीं कर पा रही थी. सूत्रों ने बताया कि बल्क यूजर्स के पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने से ये स्थिति एक बार फिर से पैदा हो सकती है. 

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