अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने देर रात भारत-पाकिस्तान समेत 180 से ज्यादा देशों पर टैरिफ का ऐलान किया है. अमेरिका ने भारत पर चीन और पाकिस्तान (Tariff on Pakistan and China) की तुलना में कम टैरिफ लगाया है. चीन पर 34% टैरिफ का ऐलान किया गया है, जबकि 20 फीसदी पहले ही लगाया जा चुका है. ऐसे में कुल चीन पर टैरिफ 54% लगाया गया है. वहीं पाकिस्तान पर 29 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया है.
China अमेरिका से 67% टैरिफ वसूलता है जबकि Pakistan अमेरिका से 58% टैरिफ वसूलता है. पहले अमेरिका इन देशों से बहुत कम टैरिफ लगाता था, लेकिन अब इस नए टैरिफ से इन देश की इकोनॉमी पर असर दिखेगा, क्योंकि आयात से होने वाली कमाई प्रभावित होगी.
पाकिस्तान को गहरी चोट देगा ये टैरिफ!
पाकिस्तान पर टैरिफ वॉर (Tariff Attack on Pakistan) की चोंट और ज्यादा लगेगी, क्योंकि यह मुल्क पहले से ही परेशानियों से गुजर रहा है और अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से उठाने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में ट्रंप का ये टैरिफ अटैक पाकिस्तान को गहरी चोट देगा, जिससे उसके इकोनॉमी पर गहरा इम्पैक्ट पड़ेगा.
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच व्यापार
साल 2024 में पाकिस्तान के साथ अमेरिका का कुल गूड्स व्यापार अनुमानित 7.3 बिलियन डॉलर रहा है. 2024 में पाकिस्तान को अमेरिकी माल निर्यात 2.1 बिलियन डॉलर था, जो 2023 से 4.4 प्रतिशत (90.9 मिलियन डॉलर) अधिक था. 2024 में पाकिस्तान से अमेरिकी माल आयात कुल 5.1 अरब डॉलर रहा है, जो 2023 की तुलना में 4.9 प्रतिशत या 238.7 मिलियन डॉलर ज्यादा है. 2024 में पाकिस्तान के साथ अमेरिकी माल व्यापार घाटा 3 बिलियन डॉलर था, जो 2023 की तुलना में 5.2 प्रतिशत या 147.9 मिलियन डॉलर बढ़ा है.
साल 2024 से पहले की बात करें तो लगातार पांच सालों में अमेरिका से पाकिस्तान का निर्यात 9.77% की दर से घटा है. ऐसे में Donald Trump की ओर से 29% टैरिफ का ऐलान पाकिस्तान के निर्यात को और ज्यादा प्रभावित कर सकता है.
अमेरिका को क्या-क्या भेजता है पाकिस्तान?
पाकिस्तान द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रोडक्ट्स भेजने वालों की बात करें तो पाकिस्तान प्रमुख तौर पर अमेरिका को पहने हुए कपड़े, पाकिस्तान में बने ड्रेस, टेक्सटाइल आर्टिकल्स, बुने हुए कपड़े, गर्म कपड़े, कपास, चमड़े, पशु आंत, हार्नेस, ट्रेवेल के सामान, फर्नीचर, ऑप्टिकल, फोटो, तकनीकी, चिकित्सा उपकरण, प्लास्टिक, नमक, सल्फर, पत्थर, चूना और सीमेंट, रबर, लोहा, कॉफी-चाय और जूते, गैटर जैसी वस्तुओं को भेजता है. ये कारोबार अरबों डॉलर का होता है.
पाकिस्तान पर कुल कितना कर्ज?
पाकिस्तान की इकोनॉमी (Pakistan Economy) गर्त में जा चुकी है. पड़ोसी मुल्क के ऊपर भारी कर्ज है. अमेरिका, सऊदी अरब और चीन जैसे देशों से पाकिस्तान इतना ज्यादा कर्ज (Debt on Pakistan) ले चुका है कि चुकाने के लिए उसे 100 साल से भी ज्यादा वक्त लग सकते हैं. IMF से पाकिस्तान 12 सितंबर 2024 तक 6.15 अरब डॉलर का कर्ज ले चुका है और पाकिस्तान IMF का पांचवां सबसे बड़ा कर्जदार बन चुका है.
पाकिस्तान पर कुल कर्ज की बात करें तो विदेशी कर्ज 2002 से 2024 तक औसतन 73744.37 मिलियन अमरीकी डॉलर रहा, जो 2024 की तीसरी तिमाही में 133683.00 मिलियन अमरीकी डॉलर के उच्चतम स्तर पर था. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के गवर्नर जमील अहमद के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 के लिए पाकिस्तान का कुल बकाया कर्ज 26.2 बिलियन डॉलर है.
गौरतलब है कि एक तो पाकिस्तान इतने भारी कर्ज से गुजर रहा है और ऊपर से ट्रंप का ये टैरिफ पाकिस्तान की इकोनॉमी के लिए और बड़ा संकट खड़ा कर सकता है. बता दें साल 2024 में पाकिस्तान की GDP 375 बिलियन डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है. इसमें 3.5% के हिसाब से ग्रोथ हो सकती है.