इनकम टैक्स रिर्टन (ITR) भरने की अंतिम तारीख अब बस कुछ दिन दूर है. सरकार की ओर से इस बार साफ कर दिया गया है कि ITR फाइल करने की तारीख को 31 जुलाई से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. अगर आपने अभी तक ये जरूरी काम पूरा नहीं किया है, तो इसे फुर्सत निकालकर निपटा लीजिए. वरना तारीख बीत जाने के बाद के बाद आपको जुर्माना भरना पड़ेगा. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) लगातार लोगों से समय रहते ही ITR फाइल करने को कह रहा है.
इन दिनों ITR दाखिल करना आसान हो गया है. अगर आपके पास इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स हैं, तो आप 15 मिनट में अपना ITR फाइल कर सकते हैं. अगर आप ITR फाइल कर रहे हैं, तो कुछ डॉक्यूमेंट्स जरूर चेक कर लें. साथ ही इनकी जांच भी करें, क्योंकि कई बार डॉक्यूमेंट में गलत डिटेल्स भी होती है. इसलिए उसे तुरंत सही करवा लेना चाहिए.
फॉर्म 16 या 16ए
नौकरीपेशा लोग, जिन्हें सैलरी मिलती है. ऐसे लोग सबसे पहले अपने संस्थान से फॉर्म 16 या 16ए प्राप्त कर लें. इसमें आपकी सैलरी स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी होती है. बेसिक सैलरी, एचआरए और अन्य अलाउंस के बारे में आपको आसानी से जानकारी मिल जाएगी.
अगर आपकी ग्रॉस टोटल इनकम 2.5 लाख रुपये है, तो आपको ITR फाइल करना जरूरी है. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को 3 लाख की इनकम और 80 साल से अधिक उम्र के लोगों को 5 लाख रुपये की आमदनी पर ITR फाइल करने की जरूरत पड़ती है. अगर आपने किसी साल एक लाख रुपये से अधिक का बिजली भरा है, तो आपको ITR फाइल करना जरूरी है.
कैपिटल गेन का स्टेटमेंट
अगर आपने स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया है, तो आपको ब्रोकर और म्यूचुअल फंड्स से कैपिटल गेन का स्टेटमेंट प्राप्त करना लेना चाहिए. अगर आपने कोई प्रॉपर्टी बेची है और टैक्स बचाने के लिए उसे कहीं निवेश किया है, तो इस ट्रांजेक्शन के बारे में भी पूरी जानकारी देनी होगी.
AIS में इनकम और टीडीएस
एक बार अपने 26AS में TDS, TCS की जांच के बाद एनुएल इंफोर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) को जरूर मिला लें. इसमें सभी सेविंग अकाउंट की काउंट की डिटेल्स होती है. इस वजह आपको पता होगा कि बचत खाते में जमा राशि के अनुसार कितना ब्याज वित्त वर्ष में प्राप्त हुआ है. इससे आपको ITR भरने में आसानी होगी.
26AS में टीडीएस
ITR भरते समय फॉर्म 26AS की जांच जरूर कर लें. इसमें एक कंसोलिटेड टैक्स स्टेटमेंट होता है. इसमें टैक्सपेयर्स की इनकम से काटे गए टैक्स की पूरी जानकारी होती है. टैक्स डिडएक्शन एट सोर्स (TDS), टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) रेग्युलर टैक्स, रिफंड जैसी जानकारियां इसमें आपको मिल जाएंगी. इस फॉर्म की जांच हर हाल में करें, क्योंकि कई बार इसमें जानकारियां गलत भी होती हैं. इसे तुरंत सुधरवा लेना चाहिए.