अक्टूबर महीने का पहला आईपीओ (IPO) आज खुलने जा रहा है. अगर आप सितंबर के महीने में आए आईपीओ पर दांव नहीं लगा सके थे, तो आज आपके लिए बड़ा मौका है. मंगलवार (4 अक्टूबर) को इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया लिमिटेड का आईपीओ (Electronics Mart India Ltd IPO) ओपन हो रहा है. कंपनी 500 करोड़ रुपये का इश्यू जारी कर रही है. इसके लिए प्राइस बैंड 56-59 रुपये तय किया गया है. Electronics Mart India का आईपीओ निवेश के लिए 4 अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर तक ओपन रहेगा.
ग्रे मार्केट में प्रीमियम
इश्यू के ओपन होने के एक दिन पहले 3 अक्टूबर को Electronics Mart के अनलिस्टेड शेयर ग्रे मार्केट में जबरदस्त प्रीमियम पर शेयर ट्रेड कर रहे थे. 56-59 रुपये के प्राइस बैंड वाले Electronics Mart के शेयर ग्रे मार्केट में 32-33 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. इस हिसाब से देखें तो (59+33=92) 92 रुपये पर ट्रेड कर रहा है. यह अपने इश्यू प्राइस बैंड से करीब 55 फीसदी अधिक पर ट्रेड कर रहा.
आईपीओ का लॉट साइज
इस आईपीओ के लिए कम से कम 254 शेयर के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इस तरह निवेशकों को एक लॉट के लिए 14,986 रुपये खर्च करने होंगे. वहीं, मैक्सिमम 13 लॉट के लिए आवेदन किया जा सकता है. इसके लिए निवेशकों को 1,94,818 रुपये खर्च करने पड़ेंगे.
इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया के आईपीओ में 50 फीसदी हिस्सा इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है. 35 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए और 15 फीसदी हिस्सा गैर इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है. Electronics Mart India Ltd के शेयरों का अलॉटमेंट 12 अक्टूबर को होगा और 17 अक्टूबर को कंपनी की लिस्टिंग हो सकती है.
कंपनी का कारोबार और रेवेन्यू
कंपनी आईपीओ से प्राप्त आय को सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के अलावा कैपिटल एक्सपेंडिचर, लोन चुकाने, वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करने में खर्च करेगी. 1980 में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट इंडिया भारत में चौथी सबसे बड़ी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स रिटेल कंपनी है. देश के 36 शहरों में इसके 112 स्टोर्स हैं. कंपनी का करीब 90 पर्सेंट रेवेन्यू रिटेल चेन्स के जरिए आता है.
वित्तीय वर्ष 2021-22 में कंपनी को 10,389 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था. इसके साथ ही कंपनी को 4349.32 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला था. 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 1,410.25 करोड़ रुपये के रेवेन्यू के साथ 40.66 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था.