दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) की भारत में एंट्री पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के सबसे अमीर इंसान और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने (Elon Musk) ने भारत में अपने इन्वेस्टमेंट प्लान को टाल दिया है. गौरतलब है कि इससे पहले एलन मस्क ने अपनी प्रस्तावित भारत यात्रा को टाल दिया था और अचानक चीन पहुंच गए थे. इसके बाद ये अब ये बड़ी खबर सामने आई है.
भारतीय अधिकारियों के साथ रोका संपर्क!
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, Elon Musk की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला ने भारतीय अधिकारियों के साथ जारी अपना कम्युनिकेशन रोक दिया है और भारत में अपने निवेश की योजना को आगे के लिए टाल दिया है. गौरतलब है कि अप्रैल 2024 में टेस्ला सीईओ का भारत दौरा प्रस्तावित था और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से मिलना था, लेकिन ऐन मौके पर मस्क ने अपनी यात्रा को स्थगित कर दिया था.
भारत की जगह अचानक चीन पहुंचे थे मस्क
Tesla CEO भारत दौरान स्थगित करने के बाद अचानक चीन के बीजिंग में स्पॉट किए गए थे. ऐसी भी खबरें सामने आई थीं कि चीन में उन्होंने बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार (EV Market) में टेस्ला की ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेक्नोलॉजी का अनावरण भी किया था. चीन यात्रा के दौरान एलन मस्क और चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग के बीच टेस्ला के लिए भविष्य की विस्तार योजनाओं पर चर्चा भी की गई थी.
फाइनेंशिल समस्याओं से जूझ रही टेस्ला
रिपोर्ट की मानें तो टेस्ला की मौजूदा फाइनेंशियल समस्याओं के चलते अब कंपनी हाल-फिलहाल भारत में नए निवेश की योजना नहीं बना रही है. इसमें यह भी कहा गया है कि Tesla द्वारा ग्लोबल डिलीवरी में लगातार दूसरी तिमाही गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा कंपनी को चीन में भी तगड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच एलन मस्क की ओर से हाल ही में कर्मचारियों की कटौती की घोषणा भी की गई थी. यही नहीं, मेक्सिको में टेस्ला के एक नए प्लांट के निर्माण में भी लगातार देरी हो रही है.
अधिकारी बोले- टेस्ला का स्वागत
बता दें कि एलन मस्क ने भारत द्वारा विदेशी कार निर्माताओं के लिए ईवी पर आयात कर (Import Duty) कम करने के तुरंत India Visit की योजना बनाई थी और इस दौरान भारत में बड़े निवेश को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा ठहराव के बावजूद भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि अगर टेस्ला फिर से जुड़ने का फैसला करती है, तो नई आयात कर नीति के तहत उसका स्वागत किया जाएगा.