दुनिया के सबसे रईस इंसान एलन मस्क (Elon Musk) इन दिनों अपने Tweet के बजाय Twitter के संभावित टेक ओवर को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं. मस्क ने हाल ही में Twitter की 9.1 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद 100 फीसदी शेयर खरीदने का ऑफर दिया है. इस ऑफर को होस्टाइल टेकओवर (Hostile Takeover) के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. इन सब घटनाक्रमों का असर Twitter के कर्मचारियों के ऊपर पड़ रहा है. इन सब के बीच सोशल मीडिया कंपनी के सीईओ पराग अग्रवाल (Twitter CEO Parag Agrawal) ने कर्मचारियों को आश्वस्त करने का प्रयास किया है और उनसे कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है.
कर्मचारी कंट्रोल करते हैं Twitter की चीजें
Twitter के चीफ एक्सीक्यूटिव ऑफिसर अग्रवाल कर्मचारियों के साथ स्लैक (Slack) मैसेजिंग सर्विस पर एक मीटिंग कर रहे थे. मीटिंग में कंपनी के कर्मचारी सीईओ से अपनी शंकाओं पर सवाल कर रहे थे. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अग्रवाल ने मीटिंग में कर्मचारियों से कहा कि एलन मस्क के खरीदने के ऑफर से कंपनी होस्टेज नहीं बनने जा रही है. उन्होंने कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाते हुए सभी से कहा कि वे अपने काम पर फोकस्ड रहें. अग्रवाल ने कर्मचारियों से कहा, 'जो चीजें होती हैं, हम कर्मचारियों के तौर पर उन्हें कंट्रोल करते हैं.'
मस्क ने दिया इतने में Twitter खरीदने का ऑफर
यह मीटिंग ऐसे समय हुई है, जब मस्क ने 43 बिलियन डॉलर में Twitter कंपनी को खरीदने का ऑफर दिया है. मस्क को पहले सोशल मीडिया कंपनी में बोर्ड में सीट का ऑफर दिया गया था, जिससे मस्क ने मना कर दिया था. बोर्ड में सीट का ऑफर मना करने के बाद ही कयास लगाए जा रहे थे कि मस्क हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में हैं. हालांकि उन्होंने पूरी हिस्सेदारी खरीदने का ऑफर देकर सबको हैरान कर दिया. मस्क के ऑफर पर अभी Twitter का बोर्ड विचार कर रहा है.
मस्क के ऑफर पर Twitter बोर्ड कर रहा विचार
अग्रवाल ने भी कर्मचारियों को बताया कि बोर्ड मस्क के ऑफर की समीक्षा कर रहा है. हालांकि उन्होंने साथ में यह भी बोला कि वह इस डेवलपमेंट के बारे में ज्यादा जानकारी साझा कर पाने की स्थिति में नहीं हैं. सवाल और जवाब के सेशन के दौरान एक कर्मचारी ने अग्रवाल से पूछ डाला कि कंपनी ने मस्क को बोर्ड में सीट का ऑफर कैसे दिया? कर्मचारी ने पूछा,'क्या हम किसी भी बिलियनेयर को या सभी को बोर्ड में सीट के लिए इनवाइट करने लगे हैं?' इसके जवाब में अग्रवाल ने कहा कि बोर्ड शेयरहोल्डर्स के हित को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता है.
किसी खास इंसान के लिए स्टैंड नहीं करता Twitter
अग्रवाल ने कहा, 'मेरा ये मानना है कि जो लोग हमारी सर्विस को लेकर क्रिटिकल हैं, उनकी आवाज में कुछ बात होती है. हमें उनके ऊपर ध्यान देना चाहिए, ताकि हम सीख सकें और बेहतर बन सकें.' एक कर्मचारी ने अग्रवाल से यह पूछ डाला कि वह फ्री स्पीच के मस्क के डेफिनेशन के बारे में क्या राय रखते हैं? अग्रवाल ने इस सवाल का सीधा-सीधा जवाब नहीं दिया. सवाल और जवाब के सेशन से पहले अग्रवाल ने कहा था कि Twitter किसी एक इंसान या किसी भी इंसान से कहीं ज्यादा के लिए स्टैंड करता है.