पिछले कुछ महीने से शेयर बाजारों (Share Market) में आई गिरावट ने इन्वेस्टर्स (Investors) के लिए बढ़िया कमाई के मौके तैयार किया है. कई एनालिस्ट इसे 'Buy The Dip' मोमेंट बता रहे हैं. रिटायरमेंट फंड बॉडी ईपीएफओ (EPFO) भी इस मौके को भुनाने की तैयारी में है. ऐसा कहा जा रहा है कि ईपीएफओ इक्विटीज में इन्वेस्टमेंट की लिमिट (EPFO Equities Investment Limit) को मौजूदा 15 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने के एक प्रस्ताव को इस महीने मंजूरी दे सकता है.
बढ़कर इतनी हो सकती है लिमिट
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, Employees Provident Fund Organisation इक्विटीज में इन्वेस्टमेंट की लिमिट बढ़ाने पर विचार कर रहा है. इस संबंध में संगठन के पास पहले से ही एक प्रस्ताव आ चुका है. प्रस्ताव में कहा गया है कि इक्विटीज में इन्वेस्टमेंट की लिमिट को बढ़ाकर 20 फीसदी किया जाना चाहिए, जो अभी 15 फीसदी है. रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ इसी महीने उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है. ईपीएफओ के ट्रस्टीज की अगली बैठक 29 और 30 जुलाई को होने वाली है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि आगामी बैठक में ही प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है.
अभी इतने पैसे लगाने की लिमिट
अभी ईपीएफओ इक्विटी या इक्विटी से संबंधित स्कीम्स में अपने निवेश योग्य जमा के 5 फीसदी से लेकर 15 फीसदी तक अमाउंट इन्वेस्ट कर सकता है. इस लिमिट को 20 फीसदी तक बढ़ाने के प्रस्ताव को पहले ही ईपीएफओ की एडवाइजरी बॉडी फाइनेंस ऑडिट एंड इन्वेस्टमेंट कमिटी (Finance Audit and Investment Committee) की मंजूरी मिल चुकी है. खबर के अनुसार, फाइनेंस ऑडिट एंड इन्वेस्टमेंट कमिटी (FAIC) के सुझाव को अब अंतिम निर्णय लेने वाली टॉप बॉडी सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (Central Board of Trustees) के समक्ष रखा जाएगा. सेंट्रल बोर्ड प्रस्ताव पर विचा करने के बाद इसे मंजूरी प्रदान कर सकता है.
मंजूरी दे चुकी है EPFO की ये कमिटी
खबर में एक सूत्र के हवाले से बताया गया है, 'केंद्रीय श्रम मंत्री की अगुवाई वाला सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) इस महीने के अंत में होने जा रही बैठक में फाइनेंस ऑडिट एंड इन्वेस्टमेंट कमिटी के सुझाव को मंजूर कर सकता है. अगर मंजूरी मिलती है तो इक्विटीज में इन्वेस्ट करने की ईपीएफओ की लिमिट अभी के 5-15 फीसदी से बढ़कर 5-20 फीसदी हो जाएगी.' श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली (Rameshwar Teli) सोमवार को लोकसभा में बता चुके हैं कि फाइनेंस ऑडिट एंड इन्वेस्टमेंट कमिटी ने इक्विटीज में इन्वेस्टमेंट की लिमिट बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
EPFO को शेयर बाजार से इतनी कमाई
ईपीएफओ ने इक्विटीज में इन्वेस्टमेंट की शुरुआत अगस्त 2015 में की थी. तब ईपीएफओ ने अपने निवेश योग्य डिपॉजिट का 5 फीसदी इक्विटीज में लगाया था. इस लिमिट को बाद में बढ़ाकर 15 फीसदी तक कर दिया गया था. वहीं दूसरी ओर ट्रेड यूनियन शेयर बाजार में पैसे लगाने की लिमिट बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं. ट्रेड यूनियंस (Trade Unions) का कहना है कि शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट पर कोई सरकारी गारंटी नहीं है. हालांकि ईपीएफओ को शेयर बाजार से मिलने वाला रिटर्न हाल में बढ़ा ही है. श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने संसद में बताया है कि 2020-21 में इक्विटी इन्वेस्टमेंट पर 14.67 फीसदी का रिटर्न मिला था, जो 2021-22 में बढ़कर 16.27 फीसदी पर पहुंच गया.