BSE Sensex सोमवार को 1,747.08 अंक (3 फीसदी) लुढ़कर 56,405.08 अंक पर बंद हुआ. NSE Nifty भी इसी प्रकार 531.95 अंक (3.06 फीसदी) गिरकर 16,842.80 अंक पर बंद हुआ. घरेलू शेयर बाजारों में करीब एक साल भर में यह सबसे गिरावट रही. इससे पहले 26 फरवरी, 2021 को सेंसेक्स में 1,940 अंक और निफ्टी में 568 अंक की गिरावट आई थी. पिछले दो सत्र में शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों को काफी अधिक नुकसान हुआ है. पिछले दो सत्र में बिकवाली की वजह से निवेशकों के 12.43 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं. BSE का Combined Market Cap गुरुवार को 267.81 लाख करोड़ रुपये पर रहा था जो सोमवार को गिरकर 255.38 लाख करोड़ रुपये पर रह गया.
इन तीन वजहों से आई ये भारी गिरावट
1. रूस-यूक्रेन विवादः Hem Securities के हेड-पीएमएस मोहित निगम ने सेंटिमेंट में आई इस भारी गिरावट को लेकर कहा, "यूक्रेन-रूस के बीच बढ़ते तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और दशक में सबसे ज्यादा महंगाई की वजह से यूएस फेड द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की उम्मीद की वजह से थोड़े समय के लिए बाजार में निगेटिव सेंटिमेंट है. लेकिन हमारा मानना है कि यूक्रेन संकट की वजह से मौजूदा गिरावट देखने को मिल रही है और इसमें नरमी आने के बाद हम बाजार में दोबारा मजबूत तेजी देख सकते हैं."
2. ABG Shipyard Fraud: सीबीआई ने पिछले सप्ताह इस मामले में FIR दर्ज की. यह देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड में से एक है. यूक्रेन संकट के साथ-साथ एबीजी शिपयार्ड (ABG Shipyard Ltd) फ्रॉड से जुड़े डेवलपमेंट की वजह से शेयर बाजार में और अधिक गिरावट देखने को मिली. इस फ्रॉड की वजह से प्राइवेट सेक्टर और पीएसयू बैंक (Bank Share) दोनों के शेयरों पर असर देखने को मिला. इस घोटाले के दंश की वजह से सोमवार को Nifty Bank 4.18 फीसदी लुढ़क गया.
3. FPI की निकासी: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने फरवरी के पहले 11 दिन में 14,935 करोड़ रुपये की निकासी की है. इस तरह देखा जाए तो लगातार चौथे महीने में FPIs बिकवाल बने हुए हैं. इसका असर भी घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है. FPI निवेश से मोटे तौर पर बाजार में सेंटिमेंट का पता चलता है.
Nifty के सभी 50 शेयर टूटे
पिछले दो सत्र में निफ्टी इंडेक्स के सभी 50 शेयर लाल निशान के साथ बंद हुए. इंडेक्स पर पिछले दो सत्र में HDFC Life Insurance के शेयरों में सबसे ज्यादा 8.04 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इसके बाद HDFC (7.50 फीसदी), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (7.46 फीसदी) और Tata Motors (7.18 फीसदी) का स्थान आता है. UPL, Shree Cement, Kotak Mahindra Bank, JSW Steel, ICICI Bank, ITC, Tech Mahindra, Larsen & Toubro, Bajaj Finance, Ultratech Cement, Adani Ports, Tata Steel और Maruti Suzuki के शेयरों में पांच फीसद से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है.