पिछले एक साल से जबरदस्त रिटर्न दे रहे अडानी ग्रुप के शेयरों को आज यानी सोमवार को तगड़ा झटका लगा है. आज एक खबर से शेयर बाजार में अडानी समूह के शेयर गोता लगाने लगे. इसके कई शेयरों में लोअर सर्किट लग गया.
अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर बीएसई पर 25 फीसदी टूटकर 1,201.10 रुपये पर चला गया. यह वही शेयर है जिसने पिछले एक साल में निवेशकों को 777.5 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसी तरह अडानी पोर्ट्स का शेयर 19 फीसदी टूटकर 681.50 रुपये पर चला गया.
अडानी ग्रुप की अन्य कंपनियों अडानी ग्रीन एनर्जी अडानी टोटल गैस, अडानी पावर और अडानी ट्रांसमिशन में आज 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है, क्योंकि इसमें सिर्फ बिकवाली करने वाले लोग थे.
क्यों टूट गए अडानी के शेयर
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने तीन विदेशी फंडों के अकाउंट पर रोक लगा दी है. इन फंडों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसकी वजह से अडानी समूह की कंपनियों में भारी गिरावट आई है.
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, NSDL ने Albula इनवेस्टमेंट फंड, Cresta फंड और APMS इनवेस्टमेंट फंड के अकाउंट फ्रीज किए हैं. डिपॉजिटरी की वेबसाइट के अनुसार ये अकाउंट 31 मई को या उससे पहले ही फ्रीज किए गए हैं.
ये तीनों फंड मॉरीशस के हैं और सेबी में इन्हें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) के रूप में रजिस्टर्ड किया गया है. तीनों का संयुक्त रूप से अडानी एंटरप्राइजेज में 6.82 फीसदी, अडानी ट्रांसमिशन में 8.03 फीसदी, अडानी टोटल गैस में 5.92 फीसदी और अडानी ग्रीन में 3.58 फीसदी का निवेश है.
इस खबर के आज आते ही अडानी ग्रुप के शेयर आज धड़ाम हो गए. अकाउंट फ्रीज होने का मतलब यह है कि ये फंड अब न तो अपने खाते के शेयर बेच सकते हैं और न ही नए शेयर खरीद सकते हैं.
विदेशी निवेशकों को हैंडल करने वाले डिपॉजिटरी ने कहा कि मनी लॉड्रिंग रोधी कानून (PMLA) के तहत इन अकाउंट से फायदा उठाने वाले स्वामित्व के बारे में पर्याप्त जानकारी न देने की वजह से यह कार्रवाई की गई है. कस्टोडियन आमतौर पर अपने ग्राहकों को ऐसी कार्रवाई से पहले नोटिस देते हैं, लेकिन फंड से कोई जवाब न मिलने पर अकाउंट को फ्रीज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाती है.
क्या होता है सर्किट
जब किसी शेयर में अपर या लोअर सर्किट लगता है तो उसमें कारोबार रोक दिया जाता है. जब किसी शेयर में अचानक भारी गिरावट या भारी तेजी आती है और उसमें एकतरफा या संदिग्ध कारोबार होता है तो एक्सचेंज उसमें सर्किट लगा देता है. सर्किट लगाने का मतलब है कि उस सीमा तक ही शेयर में गिरावट या तेजी रहेगी और उससे ज्यादा हुआ तो उसका कारोबार रोक दिया जाएगा.