पंजाब में किसान आंदोलन (Farmers Agitation) के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है. राज्य में आंदोलनकारी किसान रेल परिसर, प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक समेत कई जगहों पर डटे हुए हैं. जिसकी वजह से ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है. पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे को करोड़ों का नुकसान हो रहा है.
पंजाब में किसानों के विरोध प्रदर्शन को 50 दिन हो चुके हैं. किसान प्रदर्शन के चलते 1,986 यात्री रेलगाड़ियां यानी पैसेंजर ट्रेनें और 3,090 मालगाड़ियां रद्द हुई हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक भारतीय रेलवे (Indian Railways) को मालभाड़े से होने वाली आय में 1,670 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. राज्य में रेलगाड़ियों का परिचालन अभी भी निलंबित है.
01 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच रेलवे को मालगाड़ियां रद्द होने के चलते करोड़ों का नुकसान हुआ है. भारतीय रेलवे को रोजाना 36 करोड़ मालभाड़े के नुकसान का अनुमान है. सूत्रों के अनुसार पंजाब के पांच बिजली घरों को 520 रैक कोयले की आपूर्ति नहीं की जा सकी जिसके चलते भारतीय रेल को 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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अन्य माल में इस्पात के 110 रैक (अनुमानित 120 करोड़ रुपये का नुकसान), सीमेंट के 170 रैक (अनुमानित 100 करोड़ रुपये का नुकसान), क्लिंकर के 90 रैक (अनुमानित 35 करोड़ रुपये का नुकसान), खाद्यान्नों के 1,150 रैक (अनुमानित 550 करोड़ रुपये का नुकसान), उवर्रक के 270 रैक (अनुमानित 140 करोड़ रुपये का नुकसान) और पेट्रोलियम इत्यादि (अनुमानित 40 करोड़ रुपये का नुकसान) से लदी मालगाड़ियां फंसी हुई हैं.
बता दें कि पंजाब में किसान संगठन कृषि बिल के खिलाफ रेलवे ट्रैक समेत तमाम स्थानों पर धरना दे रहे हैं. प्रदर्शन के बीच पंजाब में तमाम रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन बाधित है. ऐसे में प्रदेश के तमाम थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है.