scorecardresearch
 

वित्त मंत्री की PC: इकोनॉमी में मांग को बढ़ाने के लिए LTC कैश वाउचर्स स्कीम जैसे कई ऐलान

केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए आज कई महत्वपूर्ण ऐलान किये हैं. मांग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उपभोक्ता खर्च और पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए उपाय कर रही है. सरकार LTC कैश वाउचर्स और फेस्टिवल एडवांस स्कीम लेकर आई है. 

Advertisement
X
वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस
वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सरकार ने दिया एक और राहत पैकेज
  • इकोनॉमी में मांग बढ़ाने की कोशिश
  • सरकारी कर्मचारियों के फायदे के लिए स्कीम

केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए आज कई महत्वपूर्ण ऐलान किये हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं. मांग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उपभोक्ता खर्च और पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए उपाय कर रही है. सरकार LTC कैश वाउचर्स और फेस्टिवल एडवांस स्कीम लेकर आई है. 

Advertisement

चार प्रमुख कदम 

सरकार ने इकोनॉमी में मांग बढ़ाने के लिए कुल चार कदम उठाये हैं. 1. सरकारी कर्मचारियों के एलटीसी के बदले कैश वाउचर्स, 2. कर्मचारियों को फेस्टिवल एडवांस देना, 3. राज्य सरकारों को 50 साल तक के लिए बिना ब्याज कर्ज. 4. बजट में तय पूंजीगत व्यय के अलावा केंद्र द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास आदि पर 25 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करना. 

उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सारे कदमों से अर्थव्यवस्था में 31 मार्च 2021 तक करीब 73 हजार करोड़ रुपये की मांग पैदा होगी. उन्होंने कहा कि अगर निजी क्षेत्र ने भी अपने कर्मचारियों को राहत दी तो इकोनॉमी में कुल मांग 1 लाख करोड़ रुपये के पार हो सकती है.  

क्या है एलटीसी योजना 

यात्रा अवकाश रियायत  (LTC) का कैश वाउचर्स स्कीम सरकार लेकर आई है. इसके तहत सरकारी कर्मचारियों को नकद वाउचर मिलेगा जिससे वो खर्च कर सकेंगे और इससे अर्थव्यवस्था में भी बढ़त होगी. इसका लाभ पीएसयू और सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों को भी मिलेगा. 

Advertisement

एलटीसी के बदले नकद भुगतान होगा जो कि डिजिटल होगा. यह 2018 से 2021 के लिए होगा. इसके तहत ट्रेन या प्लेन के किराये का भुगतान होगा और वह टैक्स फ्री होगा. इसके लिए कर्मचारी का किराया और अन्य खर्च तीन गुना होना चाहिए. इसी तरह सामान या सेवाएं जीएसटी रजिस्टर्ड वेंडर से लेना होगा और भुगतान डिजिटल होना चाहिए वित्त मंत्री ने बताया कि इससे केंद्र और राज्य कर्मचारियों के खर्च के द्वारा करीब 28 हजार करोड़ रुपये मांग इकोनॉमी में पैदा होगी.

क्या है फेस्टिवल एडवांस 

वित्त मंत्री ने बताया कि फेस्टिवल एडवांस स्कीम को फिर एक बार सिर्फ इसी साल के लिए शुरू किया जा रहा है. इसके तहत 10 हजार रुपये का एडवांस सभी तरह के कर्मचारियों को मिलेगा जिसे वे 10 किस्त में जमा कर सकते हैं. यह 31 मार्च 2021 तक उपलब्ध रहेगा. यह प्रीपेड रूपे कार्ड के रूप में दिया जाएगा. 

राज्यों को बिना ब्याज का लोन  

वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजीगत बढ़ाने का अर्थव्यवस्था पर कई गुना असर होता है. इसका न सिर्फ मौजूदा जीडीपी बल्कि आगे की जीडीपी पर भी असर होता है. 50 साल का ब्याज रहित लोन राज्यों को 12 हजार करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के लिए दिया जाएगा. 

इसका तीन हिस्सा होगा-2500 करोड़ रुपये पूर्वोत्तर, उत्तराखंड और हिमाचल को दिया जाएगा. इसके बाद 7500 करोड़ रुपये अन्य राज्यों को वित्त आयोग की सिफारिश के मुताबिक दिया जाएगा. तीसरा 2,000 करोड़ रुपये का हिस्सा उन राज्यों को मिलेगा जो कि आत्मनिर्भर भारत में हुए ऐलान के तहत चार में से कम से कम 3 सुधार लागू करेंगे. यह पूरा लोन 31 मार्च 2021 से पहले दिया जाएगा. यह राज्यों को पहले से मिल रहे लोन के अतिरिक्त होगा. 

Advertisement

बजट में तय कैपिटल एक्सपेंडीचर बढ़ाया गया 

वित्त मंत्री ने बताया कि इस साल बजट में तय केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय के अलावा सरकार अतिरिक्त 25,000 करोड़ रुपये देगी. यह खासकर सड़क, डिफेंस संबंधी बुनियादी ढांचा, जलापूर्ति, शहरी विकास, डिफेंस के देश में बने कैपिटल इक्विपमेंट के लिए होगा. 

 

Advertisement
Advertisement