वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लखनऊ में ‘उभरते सितारे फंड’ लॉन्च किया. उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शुरू किए गए इस स्पेशल फंड का मकसद देश के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना और एक्सपोर्टर्स की मदद करना है.
क्या है ‘उभरते सितारे फंड’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जिस उभरते सितारे फंड की घोषणा की है वो दरअसल पिछले साल उनके बजट भाषण के ‘उभरते सितारे कार्यक्रम’ का ही एक रूप है. इंडिया एक्जिम बैंक और सिडबी दोनों मिलकर इस फंड को चलाएंगे और जुलाई 2021 में इसका सेबी में रजिस्ट्रेशन भी हो चुका है.
‘उभरते सितारे फंड’ (Ubharte Sitaare Fund) एक्सपोर्ट से जुड़ी यूनिट्स में इक्विटी या इक्विटी जैसे किसी टूल के माध्यम से निवेश करेगा. इसमें मैन्युफैक्चर या सर्विस सेक्टर दोनों क्षेत्रों की निर्यात उन्मुखी इकाइयां शामिल होंगी. ये फंड देशभर में एक्सपोर्ट से जुड़ी ऐसी इकाइयों की मदद करेगा जिनमें भविष्य का चैंपियन बनने की क्षमता होगी.
‘एमएसएमई को होगा फायदा’
कोरोना काल में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ‘उभरते सितारे फंड’ की लॉन्चिंग के वक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने एमएसएमई की मदद के लिए सरकार द्वारा उठाए गए अनेक कदमों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ के तहत एमएसएमई को विशेष ऋण सुविधा दी गई और उनकी परिभाषा को भी बदला गया है.
उन्होंने कहा कि ‘उभरते सितारे फंड’ का लक्ष्य भी एक्सपोर्ट से जुड़ी छोटी और मध्यम आकार की इकाइयों में निवेश का है. इससे एक्सपोर्ट से जुड़ी एमएसएमई सेक्टर की यूनिट्स को विशेष फायदा होगा और ये एक्सपोर्ट ग्रोथ में एक नई कहानी लिखेगा.
‘उभरते सितारे फंड’ एक वैकल्पिक निवेश कोष होगा. इसमें शुरुआती तौर पर इंडिया एक्जिम बैंक और सिडबी दोनों ने 40-40 करोड़ रुपये का निवेश किया है. ये 250 करोड़ रुपये का फंड है जिसे इतना ही और बढ़ाया जा सकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ‘उभरते सितारे फंड’ की लॉन्चिंग के मौके पर उत्तर प्रदेश के एमएसएमई और निर्यात संवर्द्धन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह भी मौजूद रहे.
बेरोजगारी पर काम कर रही सरकार
वित्त मंत्री ने बेरोज़गारी के मुद्दे पर भी बात की, उन्होंने कहा कि बेरोज़गारी की समस्या पर केंद्र सरकार काम कर रही है. कोरोना काल में 15,000 से कम तनख्वाह वालों में जिनकी नौकरी गई और अगर वो ईपीएफओ में रजिस्टर्ड है तो केंद्र सरकार उनके पीएफ अकाउंट में एम्प्लॉयर और उनका हिस्सा भर रही है. किसी एक ज़िले में 25 हज़ार से ज़्यादा असंगठित क्षेत्र के कामगार आये हों तो उनके लिए केंद्र सरकार 16 योजनाएं लायी है, जिसको लागू करके सबको काम देने की कोशिश हो रही है. मनरेगा योजना को एक लाख करोड़ तक पहुंचाया गया. राशन कार्ड से मिलने वाले राशन को 8 महीने तक मुफ़्त दिया गया. ग़रीबों को 3 सिलेंडर मुफ्त दिए गए.
राज्यों के टैक्स कम करने से सस्ता होगा पेट्रोल
पेट्रोल डीज़ल की ऊंची क़ीमतों पर वित्त मंत्री ने कहा कि जब राज्य सरकारें ईंधन पर टैक्स कम करेेगी तब ही इनके दाम कम हो पाएंगे. उन्होंने कहा कि पेट्रोल डीजल पर राज्यों में जो वैट लगता है वही वैरिएबल होता है. केन्द्र सरकार ने तो इसका दाम तय कर रखा है.
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