वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि उन्होंने इस बजट में पिछले साल के बजट (BUdget) की बातों को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कैपेक्स (Capex) का हवाला देते हुए कहा कि जीडीपी (GDP) पर इसका मल्टीप्लायर इफेक्ट (Multiplier Effect) होता है, जबकि डायरेक्ट रेवेन्यू के मोर्चे पर लाभ देने पर खर्च से कम रिटर्न मिलता है. वित्त मंत्री ने आज तक के सहयोगी चैनल इंडिया टुडे के कार्यक्रम बजट राउंडटेबल 2022 में ये बातें कहीं.
इंफ्रा पर खर्च से जीडीपी को 3 गुना फायदा
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार इंफ्रा पर जो खर्च करती है, यानी कैपेक्स, उसका मल्टीप्लायर इफेक्ट होता है. इसके कई डेटा हैं कि इंफ्रा पर खर्च किया गया एक रुपया जीडीपी को 2.99 रुपये देता है, जबकि आप अगर सीधे लोगों के हाथ में पैसा देता है तो जीडीपी को 0.95 रुपये मिलते हैं. इन आंकड़ों पर प्रश्न उठाए जा सकते हैं, लेकिन इनमें बहुत ज्यादा अंतर नहीं आएगा. इसलिए हमने इस साल के बजट में पिछले साल शुरू की गई इस पॉलिसी को कंटीन्यू रखा.
पिछले साल की कंटीन्यूटी है ये बजट
तत्काल राहत के उपाय नहीं किए जाने से जुड़े एक सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसा सही नहीं है. मैं सिर्फ भविष्य की ओर नहीं देख रही हूं, बल्कि ये बजट पिछले साल के बजट की कंटीन्यूनिटी है. हमने पिछले साल कुछ क्रिटिकली पॉलिसी बनाई थी, इसमें पब्लिक एंटरप्राइजेज के प्राइवेटाइजेशन के लिए पॉलिसी बनाई. इसके अलावा हमने सभी सेक्टर को प्राइवेट पार्टिसिपेशन के लिए खोलने की पॉलिसी भी प्रिस्क्राइब की.
बजट राउंडटेबल में अपनी बातें रखने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिजनेस टुडे मैगजीन के 30 साल पूरे होने के मौके पर इसके विशेष संस्करण का लोकार्पण किया. इस मौके पर इंडिया टुडे ग्रुप के चेयरमैन अरुण पुरी भी उनके साथ मौजूद रहे.
प्राइवेट सेक्टर से आ रहा है इन्वेस्टमेंट
उन्होंने कहा कि सरकार ने 14 सेक्टर के लिए पीएलआई योजना शुरू की है. पहले ये 13 सेक्टर के लिए थी, बाद में इसे एक सेक्टर के लिए और बढ़ा दिया गया. इसे इंडस्ट्री की ओर से बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है. इसका मतलब ये है कि निजी निवेश हो रहा है. प्राइवेट सेक्टर से इवेस्टमेंट आ रहा है. हो सकता है कि यह उस लेवल पर नहीं हो, जो हम या आप उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन इन्वेस्टमेंट आ रहा है.
क्रिप्टो मार्केट पर सरकार की कड़ी नजर
बजट के बाद क्रिप्टो करेंसी और डिजिटल करेंसी पर खूब चर्चा हो रही है. जब इस बारे में वित्त मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि डिजिटल करेंसी पर कोई अचानक से फैसला नहीं लिया गया है. सरकार इस पर लगातार आरबीआई के साथ कंसल्ट करती रहती है. रही बात क्रिप्टो मार्केट को लेकर नजर रखने की, सरकार के पास इसके लिए टीम है, जो बराबर क्रिप्टो मार्केट पर नजर रखती है.
जॉब क्रिएट करने पर सरकार कर रही प्रयास
जॉब क्रिएट करने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि इसे लेकर सरकार हर तरफ से प्रयास कर रही है. इसमें कुछ हिस्सा सरकार कर रही है. कुछ के लिए सरकार मदद कर रही है इसके साथ स्वरोजगार पर जोर दे रही है. इसके लिए सरकार उन्हें कनेक्टविटी दे रही है, ताकि वो दुनिया तक अपना कारोबार कर सकें. कच्चे माल तक उनकी पहुंच हो. इतना सब हो रहा है, और अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है.
पिछले सप्ताह आया था बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह 01 फरवरी को अपना चौथा बजट पेश किया था. बजट से लोग इनकम टैक्स से लेकर कॉरपोरेट टैक्स तक पर राहत की उम्मीद कर रहे थे. इनकम टैक्स के मोर्चे पर तो किसी को राहत नहीं मिली. कॉरपोरेट टैक्स के मोर्चे पर नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों और स्टार्टअप के लिए राहत के कुछ उपाय किए गए. सरकार ने इस बजट में इंफ्रा सेक्टर को प्रॉयरिटी में रखा.
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