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कर्ज तले दबकर नीलाम होने जा रही महज दो रुपये के शेयर वाली कंपनी के खरीदारों में गौतम अडानी (Gautam Adani) और मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नाम शामिल हैं. हम बात कर रहे हैं फ्यूचर रिटेल (Future Retail) की... कभी देश के ज्यादातर बड़े शहरों में इसकी रिटेल चेन बिग बाजार (Big Bazar) डंका बजता था, फिर इसके बुरे दिन शुरू हुए और ये फर्म दिवालिया हो गई.
इसकी नीलामी प्रक्रिया एक बार पहले भी शुरू हुई थी, जो अंजाम तक न पहुंच सकी. अब एक बार फिर इसे बेचने का काम शुरू हो गया है और इसे अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने के लिए खरीदारों की लिस्ट पहले से लंबी है. इस बार 49 दिग्गज कारोबारी ग्रुप्स एक्सप्रेशंस ऑफ इंट्रस्ट (EOI) में हैं. खास बात ये कि फ्यूचर रिटेल को खरीदने के लिए एक बार फिर अडानी-अंबानी मैदान में हैं.
कंपनी के शेयर में 5 दिन से अपर सर्किट
गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की इस कंपनी को खरीदने में दिलचस्पी का असर फ्यूचर रिटेल के शेयरों (Future Retail Share) पर भी दिखाई दे रहा है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी के शेयर में बीते लगातार पांच दिनों से अपर सर्किट लग रहा है. इस दौरान 3 अप्रैल को ये शेयर 4 फीसदी की तेजी के साथ 2.20 रुपये पर पहुंचा था. 5 अप्रैल को ये 2.30 रुपये, 6 अप्रैल को 2.40 रुपये, 10 अप्रैल को 2.50 रुपये और 11 अप्रैल को 2.60 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. इन पांच दिनों में इस शेयर ने अपने निवेशकों को 18.18 फीसदी की रिटर्न दिया है.
हालांकि, जब Big Bazar का धमाल देश भर में मच रहा था, तब इसके शेयर की कीमत आसमान पर थी. पुराने डाटा पर नजर दौड़ाएं तो 24 नवंबर 2017 को फ्यूचर रिटेल का एक शेयर 644.85 रुपये के लेवल पर था. इसके बाद इसमें गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ और साल 2020 तक कुछ धीमी रफ्तार से चलता रहा और 14 फरवरी 2020 को ये 375.20 रुपये के लेवल पर पहुंच गया.
फिर कंपनी के ऊपर भारी-भरकम कर्ज और इसे चुका पाने में इसकी नाकामी ने किशोर बियानी के नेतृत्व वाली इस कंपनी के शेयरों में सुनामी देखने को मिली थी. 9 अप्रैल 2022 को ये गिरकर 66.25 रुपये का रह गया था, जो फिर खड़ा नहीं हो सका. 27 मई 2022 को ये 10 रुपये के लेवल से नीचे आ गया और एक शेयर की कीमत महज 8.75 रुपये रह गई. वहीं अब ये लगातार पांच दिनों के अपर सर्किट के बाग 2.60 रुपये में मिल रहा है.
रिलायंस से सौदा हो गया था रद्द
बीते साल 2022 में फ्यूचर रिटेल और मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) के बीच सौदा लगभग पूरा होने वाला ही था, लेकिन अमेजन के विरोध के बाद ये खटाई में पड़ गया और अंबानी ने इस डील से हाथ पीछे खींच लिए. लेकिन अब फिर इसे दिवालिया कंपनी को खरीदने के लिए होड़ सी लग गई है. मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने इसे अपना बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है. जबकि इन दोनों दिग्गज अरबपतियों को टक्कर देने के लिए 47 अन्य खरीदार भी मैदान में उतर चुके हैं. साफ है कि Future Retail की खरीदारी में कड़ी टक्कर देखने को मिलने वाली है.
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, Future Retail को खरीदने में दिलचस्पी दिखाने वाली कंपनियों का ईओआई का नया सेट 7 अप्रैल को मिला है. किशोर बियानी की बिग बाजार वाली फर्म फ्यूचर रिटेल के लिए जो नए एक्सप्रेशंस ऑफ इंट्रस्ट (EOI) सामने आए हैं. उनके मुताबिक, 49 खरीदारों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है. जिनमें रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) और Adani Group के अलावा डब्ल्यूएच स्मिथ (WH Smith), जिंदल पावर्स लिमिटेड (Jindal Power Limited) और गॉर्डन ब्रदर्स (Garden Brothers) का इंटरनेशनल कंसोर्टियम JC Flowers शामिल हैं.
कर्ज के बोझ तले दबी है कंपनी
फ्यूचर ग्रुप कभी देश का दूसरा सबसे बड़ा रिटेलर फर्म था. बिग बाजार (Big Bazar) वाली कंपनी फ्यूचर रिटेल (Future Retail) पर अलग अलग क्रेडिटर्स के 21,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी है. कोरोना काल में स्थिति और खराब हो गई थी. अपना कर्ज चुकाने में विफल रही फ्यूचर रिटेल को इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है. ऐसे में इसे खरीदने के लिए सबसे आगे रिलायंस इंडस्ट्रीज आई थी और 24,713 करोड़ रुपये में कंपनी का अधिग्रहण करने का ऑफर किया था, लेकिन कई उतार-चढ़ावों के बाद ये सौदा रद्द हो गया था.