इजरायल-हमास में जारी युद्ध (Israel-Hamas War) के बीच भारतीय अरबपति गौतम अडानी (Gautam Adani) ने इजरायल में एक बड़ी डील की है. दरअसल, अडानी ग्रुप (Adani Gorup) लगातार डिफेंस सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में लगा हुआ है और इस क्रम में अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) ने इजरायली डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी के साथ एक बड़ा समझौता किया है. अडानी ग्रुप की ओर से स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में ये जानकारी शेयर की गई है.
20 नवंबर को हुआ है करार
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज ने इजरायल की Elbit Systems Limited के साथ ये डील की है. इसके तहत इजरायली कंपनी Adani Enterprises की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी में 44 फीसदी हिस्सा लेगी. दोनों कंपनियां मिलकर डिफेंस एप्लीकेशंस के लिए टेक्नोलॉजी और सिस्टम डेवलपमेंट पर काम करेंगी. अडानी की कंपनी द्वारा शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (ADSTL) ने ESL के साथ बीते 20 नवंबर को शेयर होल्डर्स एग्रीमेंट और शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट पर साइन किए हैं.
अडानी ग्रुप की होगी 56 फीसदी हिस्सेदारी
दोनों कंपनियों के बीच हुई डील के बारे में डिटेल से जानें तो इजरायल की ESL अडानी डिफेंस सिस्टम की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी अथर्व एडवांस्ड सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी (AASTL) में 44 फीसदी हिस्सेदारी के लिए पार्टनशिप करेगी. यानी इसके बाद कंपनी अडानी की कंपनी की हिस्सेदारी 56 फीसदी रह जाएगी. गौरतलह है कि गौतम अडानी की अडानी डिफेंस सिस्टम ने अगस्त 2023 में ही अपनी सब्सिडियरी अथर्व एडवांस्ड सिस्टम को गठित करने का ऐलान किया था.
इजरायल के हाइफा में ESL का मुख्यालय
डील के तहत अथर्व एडवांस्ड सिस्टम इजरायल की इंटरनेशनल डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी एल्विट सिस्टम्स को शेयर जारी करेगी. ESL का हेडक्वार्टर हाइफा में है. अडानी एंटरप्राइजेज ने कहा है कि ये समझौते रक्षा अनुप्रयोगों के लिए विभिन्न टेक्नोलॉजीज और सिस्टम्स के डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग के उद्देश्य से किए गए हैं. 44 फीसदी की हिस्सेदारी शेयर किए जाने के बाद AATSL अडानी डिफेंस सिस्टम्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नहीं रहेगी.
कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, एएएसटीएल के निदेशक मंडल में एडीएसटीएल और ईएसएल के नामांकित व्यक्ति शामिल होंगे, जिनमें से अधिकांश का प्रतिनिधित्व एडीएसटी द्वारा किया जाएगा.
हिंडनबर्ग ने कराया था बड़ा नुकसान
साल 2023 की शुरुआत में अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) की रिपोर्ट से भारी भरकम नुकसान झेलने के बाद अडानी ग्रुप लगातार वापसी करता हुआ नजर आ रहा है और एक के बाद एक डील से निवेशकों के सेंटिमेंट पर भी असर पड़ा है. इजरायल में की गई इस डील का असर भी बुधवार को कंपनी के शेयरों पर दिखाई पड़ सकता है.
गौरतलब है कि हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप पर कर्ज और शेयरों की कीमतों में हेर-फेर समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे और इसके बाद Adani Firms के शेयरों में ऐसी सुनामी आई थी कि देखते ही देखते गौतम अडानी की नेटवर्थ (Gautam Adani Net Wroth) में 60 अरब डॉलर की गिरावट आ गई थी. वहीं दुनिया के टॉप-3 अरबपतियों (Top-3 Billionaires) में शामिल टॉप-20 से भी बाहर हो गए थे.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)