अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) अब एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति (Richest Person in Asia) बन चुके हैं. इस मामले में उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है. लेकिन अडानी को नंबर-1 की पोजिशन पर पहुंचाने में साल 2021 का बहुत बड़ा हाथ है. जानिए कितना बड़ा है अडानी का कारोबार
2021 ने बदली अडानी की किस्मत
साल 2021 में गौतम अडानी की कंपनियों के शेयर की वैल्यू में काफी इजाफा हुआ. इस वजह से उनकी नेटवर्थ भी काफी बढ़ी है. जनवरी 2021 में गौतम अडानी की कुल संपत्ति महज 34.9 बिलियन डॉलर थी. जो दिसंबर 2021 की समाप्ति तक आते-आते 76 बिलियन डॉलर के पार हो गई. इस तरह उनकी संपत्ति एक साल में दोगुना से अधिक बढ़ी.
Forbes की रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट के अनुमार 4 फरवरी 2022 को अडानी और उनके परिवार (Adani & Family) की संपत्ति 90.0 बिलियन डॉलर के पार पहुंच गई. ये मुकेश अंबानी के 89 बिलियन डॉलर की नेटवर्थ से अधिक है.
5 लाख रुपये से शुरू किया कारोबार
गौतम अडानी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक और मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी की तरह पहली पीढ़ी के बिजनेस मैन हैं. कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी न कर पाने वाले गौतम अडानी ने मात्र 5 लाख रुपये से अपनी पहली कंपनी शुरू की थी. सिर्फ 16 साल की उम्र में कारोबार में हाथ आजमाने के लिए वह मुंबई गए थे. साल 1978 में वह मुंबई गए और हीरे का कारोबार शुरू किया, लेकिन 1981 में वह गुजरात लौट गए और अपने भाई की प्लास्टिक की फैक्ट्री में काम शुरू किया. साल 1988 में उन्होंने 5 लाख रुपये के निवेश से कमोडिटी का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट करने वाली कंपनी के रूप में अडानी एक्सपोर्ट्स की शुरुआत की, जिसका बाद में नाम बदलकर अडानी एंटरप्राइजेज कर दिया गया था. अडानी एंटरप्राइजेज को 1994 में शेयर बाजार में लिस्ट कर दिया गया.
आज इन सेक्टर्स के हैं सरताज
अडानी समूह देश के प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रुप में से एक है. उनकी अडानी पोर्ट्स देश की सबसे बड़ी बंदरगाह मैनेजमेंट कंपनी है. वहीं हाल में 7 हवाईअड्डों का मैनेजमेंट ठेका हासिल करने में उनकी कंपनी सफल रही है. इसी के साथ उन्होंने देश के दूसरे सबसे एयरपोर्ट मुंबई का भी अधिग्रहण किया है. इतना ही नहीं देश में खाने के तेल का सबसे बड़ा ब्रांड Fortune उन्हीं के समूह का है, जिसका आईपीओ हाल में आया है. अब ये कंपनी FMCG सेक्टर में बड़ा दांव लगाने जा रही है.
देश में ग्रीन एनर्जी और गैस डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर में भी अडानी सबसे बड़ा नाम है. उनका समूह सोलर पॉवर जेनरेशन और शहरों एवं इंडस्ट्रीज को गैस डिस्ट्रब्यूशन का कारोबार भी करता है.
अडानी पोर्ट्स ने बनाया उन्हें ‘आज का अडानी’
साल 1995 वो साल था जिसने गौतम अडानी को आज उनके इस मुकाम तक पहुंचाने की नींव रखी. तब उनकी कंपनी को मुंद्रा पोर्ट के संचालन का कॉन्ट्रैक्ट मिला था. ये अडानी के जीवन का एक बड़ा मोड़ साबित हुआ. उन्हें इस पोर्ट का नियंत्रण मिला और आज यह निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा पोर्ट बन गया है. इसके बाद 1996 में अडानी पॉवर लिमिटेड अस्तित्व में आई.
अडानी समूह की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने जापान के सॉफ्टबैंक और भारत के भारती समूह से एक बड़ी डील की है. इसके तहत कंपनी एसबी एनर्जी इंडिया का अधिग्रहण करेगी. इससे अडानी के रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो में 4,954 मेगावॉट की क्षमता जुड़ जाएगी. यह सौदा 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर करीब 25,500 करोड़ रुपये का है.
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