एशिया के सबसे अमीर इंसान गौतम अडानी (Gautam Adani) की कंपनी अडानी डाटा नेटवर्क लिमिटेड (ADNL) को दूरसंचार सेवाओं के लिए एकीकृत लाइसेंस मिल गया है. यानी अब ये कंपनी देश में सभी टेलीकॉम सर्विसेज मुहैया कराने के लिए सक्षम हो गई है. हाल ही में देश में हुई 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में स्पेक्ट्रम खरीदने के बाद अडानी ग्रुप (Adani Group) ने टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री की थी.
सोमवार को दिया गया लाइसेंस
अडानी समूह ने टेलीकॉम सेक्टर (Telecom Sector) में एंट्री लेते हुए कहा था कि वह अपने डाटा सेंटरों (Data Centers) के साथ सुपर ऐप के लिए एयरवेव का उपयोग करने का प्लान बना रहा है. जो बिजली वितरण से लेकर हवाई अड्डों तक और बंदरगाहों तक गैस की खुदरा बिक्री को समर्थन देगा. पीटीआई के मुताबिक, इस मामले से जुड़े दो आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि अडानी डाटा नेटवर्क्स को यूएल (AS) दिया गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि अडानी ग्रुप को सोमवार को लाइसेंस दे दिया गया है.
मुकेश अंबानी से सीधा मुकाबला?
मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और गौतम अडानी (Gautam Adani), दोनों ही उद्योगपति गुजरात से आते हैं. अभी तक दोनों समूह अलग-अलग सेक्टर में काम करते आए हैं. और उनके बीच कोई सीधी प्रतिस्पर्धा नहीं है. मुकेश अंबानी का रिलायंस समूह तेल, रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल्स से लेकर टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर में काम करता है.
वहीं अडानी समूह पोर्ट, कोयला, ग्रीन एनर्जी, बिजली वितरण और एविएशन सेक्टर में है. लेकिन हाल के समय में अडानी ग्रुप ने जहां पेट्रोकेमिकल सेक्टर में एंट्री मारी है, तो वहीं रिलायंस ग्रुप ने भी ग्रीन एनर्जी सेक्टर में प्रवेश किया है. अब टेलीकॉम सेक्टर में अडानी समूह का प्रवेश करना दोनों के बीच पहली सीधी प्रतिस्पर्धा है.
टेलीकॉम सेक्टर में दिखेगी कड़ी टक्कर
इस संबंध में अडानी ग्रुप (Adani Group) की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. टेलीकॉम सेवाएं (Telecom Services) देने के लिए तैयार गौतम अडानी की कंपनी अब इस लाइसेंस के मिलने के बाद अपनी 5G सेवाओं में विस्तार कर सकेगी. इसके साथ ही इस सेक्टर में पहले से मौजूद दिग्गजों जियो (JIO), एयरटेल (Airtel) और वोडाफोन-आइडिया (Voda-Idea) जैसी कंपनियों कड़ी टक्कर मिलने वाली है.
212 करोड़ रुपये में खरीदा स्पेक्ट्रम
गौरतलब है कि अडानी समूह ने हाल में संपन्न हुई 5G स्पेट्रम नीलामी के दौरान 20 वर्षों के लिए 212 करोड़ रुपये में 400 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम खरीदा था. इस खरीदारी के साथ ही गौतम अडानी ने नीलामी में स्पेक्ट्रम खरीदकर देश के टेलीकॉम सेक्टर में एंट्री कर ली थी. हालांकि, उस समय कंपनी की ओर से कहा जा रहा था कि वह इस स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल समूह के भीतर की कारोबारी गतिविधियों के लिए करेगी.
अंबानी ने किया है सबसे ज्यादा खर्च
बता दें, 5जी स्पेक्ट्रम खरीदने की रेस में सबसे आगे 88,078 करोड़ रुपये खर्च करके मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम (Reliance Jio) रही था. जबिक, दूसरे नंबर पर भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने 43,084 करोड़ रुपये, जबकि तीसरे पायदान पर 18,799 करोड़ रुपये खर्च करके वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) है.