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Raymond से अलग होगा ये कारोबार... अचानक रॉकेट बने शेयर, 18% चढ़ा भाव!

कपड़ा बनाने वाली कंपनी रेमंड लिमिटेड अपने रियल एस्‍टेट बिजनेस को अलग करने जा रही है. कंपनी के बोर्ड ने रियल एस्टेट बिजनेस 'रेमंड रियल्टी लिमिटेड' के डीमर्जर को मंजूरी भी दे दी है.

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कपड़ा बनाने वाली गौतम सिंघानिया की कंपनी Raymond Ltd के शेयरों में आज यानी शुक्रवार को तूफानी तेजी देखी जा रही है. गौतम सिंघानिया की कंपनी के शेयर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 18 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ गए और नए हाई लेवल पर पहुंच गए. इस तूफानी तेजी की वजह कंपनी के डीमर्जर के ऐलान को माना जा रहा है. 

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दरअसल, कपड़ा बनाने वाली कंपनी रेमंड लिमिटेड अपने रियल एस्‍टेट बिजनेस को अलग करने जा रही है. कंपनी के बोर्ड ने रियल एस्टेट बिजनेस 'रेमंड रियल्टी लिमिटेड' के डीमर्जर को मंजूरी भी दे दी है. कंपनी ने कहा है कि रेमंड लिमिटेड के निवेशकों को एक शेयर के बदले, Raymond Realty Ltd के एक शेयर मिलेंगे. कंपनी के इस ऐलान के बाद जबरदस्‍त खरीदारी भी हुई है, जिस कारण शेयरों में शानदार उछाल है. 

Raymond के शेयरों में तूफानी तेजी! 
रेमंड्स ने कहा है कि डीमर्जर का लक्ष्‍य समूह के पूरे रियल एस्टेट कारोबार को एक सिंगल एंटिटी में कंसोलिडेट करना है, ताकि विकास के अवसरों का लाभ उठाया जा सके और नए निवेशकों और रणनीतिक साझेदारों को कंपनी की ओर आकर्षित किया जा सके. Raymond के शेयर 5 जुलाई की सुबह 18 प्रतिशत उछाल के साथ 3484 रुपये के नए हाई पर थे. कंपनी का मार्केट कैप 23000 करोड़ रुपये पर है. 

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डीमर्जर के बाद रेमंड रियल्‍टी की भी होगी लिस्टिंग 
डीमर्जर प्‍लान के तहत रेमंड 10 रुपये प्रति शेयर के फेस वैल्‍यू वाले रेमंड रियल्टी के 6.65 करोड़ शेयर जारी करेगी. रेमंड लिमिटेड के निवेशकों को एक एक शेयर के बदले रेमंड रियल्‍टी के एक शेयर जारी किए जाएंगे. इसमें कोई कैश या अल्‍टरनेटिंव कंसीडरेशन शामिल नहीं होगा. डीमर्जर पूरा होने के बाद, नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज और बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर रेमंड रियल्‍टी को अलग से लिस्‍ट कराया जाएगा. 

लाइफस्‍टाइल बिजनेस को भी कर चुका है अलग 
पिछले साल रेमंड ने अपने लाइफस्‍टाइल कारोबार को रेमंड से अलग किया था.  Raymond Consumer Care के रूप में इसे डीमर्ज किया गया था. इसे डीमर्ज इसलिए किया गया था ताकि कंपनी को कर्जमुक्‍त बनाया जा सके. लाइफस्टाइल बिजनेस में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स के साथ सूटिंग बिजनेस, B2C शर्टिंग, ब्रांडेड अपैरल और गारमेंटिंग बिजनेस व B2B शर्टिं के साथ सब्सिडियरी शामिल हैं. 

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश अपने मार्केट एक्‍सपर्ट की सलाह और अपने विवेक के आधार पर करें. आजतक किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता है.) 

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