पिछले एक साल में सोने का भाव एक दायरे में रहा है. सोने की कीमतों (Gold Price) में गिरावट की वजह से ज्वेलरी (Jewelry) की डिमांड बढ़ी है. इसी वजह से देश का सोने का आयात (Import) चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह (अप्रैल-दिसंबर, 2021) में दोगुना से अधिक होकर 38 अरब डॉलर पर पहुंच गया. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है. मांग ऊंची रहने से सोने के आयात में बढ़ोतरी हुई है. सोने का आयात चालू खाते के घाटे (कैड) को प्रभावित करता है.
अप्रैल-दिसंबर, 2020 में सोने का आयात 16.78 अरब डॉलर रहा था. आंकड़ों के अनुसार दिसंबर- 2021 में सोने का आयात बढ़कर 4.8 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 4.5 अरब डॉलर रहा था.
सोने के अलावा चांदी की डिमांड में भी इजाफा
वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में सोने के आयात में बढ़ोतरी से व्यापार घाटा भी बढ़कर 142.44 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 61.38 अरब डॉलर पर था. इसी तरह वित्त वर्ष के पहले 9 माह में चांदी का आयात भी बढ़कर दो अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 76.2 करोड़ डॉलर था.
चीन के बाद भारत में सबसे ज्यादा सोने की खपत
भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है. चालू वित्त वर्ष के पहले 9 माह में रत्न और आभूषणों का निर्यात 71 फीसदी बढ़कर 2.9 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तिमाही में देश का चालू खाते का घाटा 9.6 अरब डॉलर या सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 1.3 फीसदी रहा.