बीते साल 2022 के आखिर तक दुनिया में मंदी (Recession) की आहट के बीच बड़ी-बड़ी दिग्गज कंपनियों में ताबड़तोड़ छंटनी (Lay Off) की खबरें सुर्खियों में थीं, लेकिन बीते काफी समय से इस तरह की खबरों पर विराम सा लग गया था. अब एक बार फिर Layoff से जुड़ी खबर आई है और ये दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल (Google) से जुड़ी है. सबसे खास बात ये है कि इस बार कंपनी ने उन कर्मचारियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया है, जो कि कंपनी के लिए भर्तियां करते थे, जी हां गूगन ने सैकड़ों रिक्रूटर्स को निकालने का ऐलान किया है.
इस साल छंटनी करने वाली पहली बड़ी कंपनी
न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक, गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc) ने अपनी ग्लोबल रिक्रूटर्स की टीम में से सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी (Google Recruiters Lay Off) कर दी है. ऐसे में ये कहना गलत न होगा कि टेक सेक्टर में अभी भी छंटनी का सिलसिला जारी है और Google इस बार अपने सैकड़ों कर्मचारियों को निकालने वाली पहली बड़ी दिग्गज कंपनी बन गई है.
निकाले जा रहे कर्मचारियों की मदद का भरोसा
Google की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट की ओर से बुधवार को अपनी वैश्विक भर्ती टीम से कर्मचारियों को निकालने के अपने फैसले की घोषणा की गई. हालांकि, ये ऐलान करते हुए कंपनी ने इस बात को भी साफ कर दिया है कि इन रिक्रूटर्स को नौकरी से निकालने का निर्णय कंपनी में व्यापक पैमाने पर हुई छंटनी का हिस्सा नहीं है. इसके अलावा यह भी कहा गया कि इस छंटनी से सेक्शन की पूरी टीम प्रभावित नहीं होगी और जिन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है कंपनी उन्हें नौकरी तलाशने में मदद भी करेगी.
'कंपनी को अब कम लोगों की जरूरत'
रिपोर्ट के मुताबिक, Google की प्रवक्ता कर्टेने मेनसिनी (Courtenay Mencini) ने इस ताजा छंटनी को लेकर कहा है कि कंपनी को अब कम लोगों की जरूरत है, ऐसे में रिक्रूटिंग टीम का साइज कम करने का कठोर निर्णय लिया गया है. जैसा कि हमने कहा है, हम टॉप इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी स्किल्स में इन्वेस्टमेंट करना जारी रखे हैं और अपनी ओवरऑल हाइरिंग की रफ्तार कम कर रहे हैं.
जनवरी में ये ऐलान कर मचाई थी हलचल
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में ही गूगल ने Lay Off को लेकर एक बड़ा ऐलान करते हुए हलचल बढ़ा दी थी. दरअसल, जनवरी में Google ने कंपनी के 12,000 कर्मचारियों को बाहर निकालने की घोषणा की थी, जो कंपनी की पूरी वर्कफोर्स का करीब 6 फीसदी था. हालांकि, गूगल में भर्ती करने वालों को ही अब कंपनी से बाहर निकालने का ऐलान करके एक बार फिर से चौंका दिया है. हालांकि, हालिया निर्णय इस बड़ी छंटनी प्रक्रिया से अलग लिया गया है.