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IRCTC के Convenience फीस का आधा हिस्सा सरकार लेगी, स्टॉक स्प्लिट आज से लागू 

IRCTC ने बीएसई को बताया कि अब वह अपने प्लेटफॉर्म से टिकट बुकिंग से मिलने वाले convenience फीस को 50:50 के अनुपात में सरकार से शेयर करेगी.

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कमाई का आधा हिस्सा सरकार को देगी आईआरसीटीसी (फाइल फोटो)
कमाई का आधा हिस्सा सरकार को देगी आईआरसीटीसी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • IRCTC सरकार को देगी राजस्व का हिस्सा
  • IRCTC के शेयरों का विभाजन आज से

अब IRCTC को टिकट बुकिंग से मिलने वाले Convenience फीस यानी सुविधा शुल्क का आधा (50 फीसदी) हिस्सा रेल मंत्रालय को देना होगा. इसके अलावा IRCTC के शेयरों का स्टॉक स्प्लिट (stock split) भी हो रहा है जो आज यानी शुक्रवार से लागू होगा. 

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गौरतलब है कि रेलवे के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग सिर्फ इंडियन रेलवेज कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के द्वारा होती है. इसके द्वारा ट्रेनों में खाने-पीने का सामान भी मुहैया किया जाता है. 

IRCTC ने गुरुवार को बीएसई को बताया कि अब वह अपने प्लेटफॉर्म से टिकट बुकिंग से मिलने वाले convenience फीस को 50:50 के अनुपात में सरकार से शेयर करेगी. यह 1 नवंबर से लागू हो जाएगा. 1 नवंबर को कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे भी जारी करेगी. 

कितनी होती है कमाई 

साल 2019-20 में IRCTC ने convenience फीस से 352 करोड़ रुपये कमाए थे. इस साल यानी  2020-21 में अगस्त तक IRCTC को इससे 299 करोड़ रुपये मिल चुके हैं. 

स्टॉक स्प्ल‍िट आज से लागू 

एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में IRCTC ने अपने स्टॉक को 1:5 के रेश्यो में Split यानी विभाजित किया है. इसके लिए रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर यानी आज शुक्रवार को रखा गया है. IRCTC के बोर्ड ने इस साल 12 अगस्त को हुई एक बैठक में स्टॉक स्प्ल‍िट को मंजूरी दी थी. 1:5 का मतलब है कि हर एक शेयर को पांच शेयरों में विभाजित किया जाएगा.

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इससे स्टॉक की वैल्यू कम हो जाएगी, जिससे रिटेल निवेशको के लिए इसे खरीदना और ट्रेड  करना आसान हो जाएगा. IRCTC के स्टॉक ने 19 अक्टूबर को 6,369 रुपये का रिकॉर्ड हाई टच किया था. 

क्या होता है स्टॉक स्प्लिट 

स्टॉक स्प्लिट से किसी फर्म के शेयरों की संख्या बढ़ जाती है. उदाहरण के लिए IRCTC का स्टॉक स्प्लिट 1:5 के रेशियो में हुआ है. इससे उसकी कुल शेयरों की कुल संख्या 5 गुना बढ़ जाएगी, लेकिन इससे शेयर की कीमत घट जाएगी. हालांकि इससे कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. 

उदाहरण के लिए अगर किसी निवेशक के पास IRCTC के 5 शेयर थे, तो स्टॉक स्प्लिट के बाद उसकी शेयरों की संख्या 25 हो जाएगी. स्टॉक स्प्लिट से उसकी शेयरों की कीमत घट जाएगी, लेकिन उनकी कुल वैल्यू उतनी ही रहेगी. 

स्टॉक स्प्लिट के पीछे मुख्य कारण शेयरधारकों के लिए शेयरों को अधिक किफायती बनाना है. यह आम तौर पर स्टॉक की कीमतों के काफी ऊपर जाने के बाद होता है. स्टॉक स्प्लिट होने से पहले, IRCTC के शेयर 4000 रुपये के आसपास कारोबार कर रहे थे. यहां तक कि 19 अक्टूबर, 2021 को तो यह 6,369 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था. 

छोटे निवेशकों के लिए IRCTC का स्टॉक काफी महंगा हो गया था, लेकिन स्प्लिट के बाद, शेयर की कीमत घटकर अब लगभग 900 रुपये आ गई है. इससे यह निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक हो गया है. 

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