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NSE Scam: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- गड़बड़ियों पर है सरकार की नजर

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने 11 फरवरी, 2022 को 190 पेज की एक रिपोर्ट जारी की थी. यह रिपोर्ट देश के सबसे बड़े एक्सचेंज के कॉरपोरेट गवर्नेंस की खामियों को उजागर करती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इस मामले पर ये बातें कहीं...

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सीतारमण ने मुंबई में ये बातें कहीं
सीतारमण ने मुंबई में ये बातें कहीं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिना सबूत के कुछ भी नहीं करती है ED: सीतारमण
  • विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं NSE मामले की जांच

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि NSE से जुड़े को-लोकेशन केस पर सरकार की नजर है. इस केस की जांच विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं. मुंबई में बजट के बाद के अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीतारमण ने कहा, "मेरे समक्ष जो विवरण आए हैं, मैं उन्हें देख रही हूं." उन्होंने कहा कि इस बारे में मंत्रालय जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा. उन्होंने कहा, "इस स्टेज में कुछ भी कहना अनुचित होगा." 

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बिना सबूत के कुछ भी नहीं करती है ED
वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अगर ED कुछ करना भी तो वह बिना ठोस सबूत के कुछ नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि बिना किसी ग्राउंडवर्क के ईडी किसी के भी पीछे केवल इसलिए नहीं भागने लगती है कि वे दुश्मन हैं.

सीबीआई ने सुब्रमण्यम से की है पूछताछ
वित्त मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब NSE के गवर्नेंस से जुड़ी कई तरह की कथित अनियमितताओं की जांच जारी है. सीबीआई ने हाल में एनएसई के पूर्व ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर आनंद सुब्रमण्यम (Anand Subramanian) से एनएसई में उनकी भूमिका और एक्सचेंज में उनकी नियुक्ति एवं तत्कालीन एमडी और सीईओ चित्रा रामकृष्णा (Chitra Ramkrishna) से उनके एसोसिएशन के बारे में पूछताछ की है. सीबीआई अधिकारियों की एक टीम हाल में सेबी के मुंबई स्थित कार्यालय में कुछ दस्तावेज कलेक्ट करने गई थी. 

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पिछले हफ्ते रामकृष्णा से हुई थी पूछताछ
सीबीआई ने पिछले सप्ताह NSE की पूर्व सीईओ रामकृष्णा से इस संदर्भ में पूछताछ की थी. इसके अलावा एजेंसी ने एक्सचेंज के एक और पूर्व सीईओ रवि नारायण से भी पूछताछ की. यह पूछताछ सेबी द्वारा 11 फरवरी को जारी रिपोर्ट में सामने आए नए फैक्ट्स की जांच के सिलसिले में की गई.

मार्केट रेगुलेटर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि रामकृष्णा पिछले 20 साल से हिमालय में रहने वाले किसी अज्ञात योगी के कहने पर अपने पर्सनल और प्रोफेशनल फैसले लेते आई हैं.

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