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अक्टूबर के तीन दिन में मोदी सरकार के लिए आईं एक के बाद एक ये 3 गुड न्यूज, युवाओं के लिए खुशखबरी!

भारत में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) सालभर के निचले स्तर पर पहुंच गई है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2023 में देश में बेरोजगारी दर का आंकड़ा 8.10 फीसदी पर था, जो सितंबर 2023 में घटकर 7.09 फीसदी पर आ गया है.

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एक साल के निचले स्तर पर पहुंची भारत में बेरोजगारी दर
एक साल के निचले स्तर पर पहुंची भारत में बेरोजगारी दर

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार के लिए अक्टूबर महीने की शुरुआत शानदार रही है. एक के बाद एक 3 गुड न्यूज आई हैं, जिनमें पहली खबर 1 तारीख को जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) में बंपर उछाल के रूप में आई, तो वहीं बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) अगस्त महीने की तुलना में घटकर 7.09 फीसदी पर आ गया. सितंबर में ये एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है. इसके अलावा इंडियन इकोनॉमी (Indian Economy) को लेकर ग्लोबल एजेंसिया और एक्सपर्ट्स सकारात्मक बने हुए हैं और इसकी रफ्तार जारी रहने की उम्मीद जता रहे हैं.   

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बेरोजगारी दर में आई गिरावट
भारत में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) सालभर के निचले स्तर पर पहुंच गई है. अगस्त के मुकाबले इसमें एक फीसदी से ज्यादा की कमी आई है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2023 में देश में बेरोजगारी दर का आंकड़ा 8.10 फीसदी पर था, तो कि सितंबर 2023 में घटकर 7.09 फीसदी पर आ गया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने में ग्रामीण इलाकों में भी बेरोजगारी घटी है. इसमें गिरावट ऐसे समय में दर्ज की गई है, जबकि मॉनसून सीजन के दौरान कम बारिश हुई है. ग्रामीण बेरोजगारी अगस्त में 7.11 फीसदी से घटकर सितंबर में 6.20 फीसदी रह गई, जबकि इसी अवधि में शहरी बेरोजगारी दर 10.09 फीसदी से गिरकर 8.94 फीसदी पर आ गई है. 

GST कलेक्शन में आया उछाल 
अक्टूबर महीने की पहली तारीख को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) के लिए टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर गुड न्यूज आई थी. वित्त मंत्रालय ने सितंबर 2023 महीने के जीएसटी कलेक्शन (GST Collection In September) के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि भारत में सकल माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 10 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा. जीएसटी से सरकार का खजाना चालू वित्त वर्ष में लगातार भरता जा रहा है. सितंबर में कलेक्शन 1,62,712 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सेंट्रल जीएसटी (CGST) 29,818 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (SGST) 37,657 करोड़ रुपये शामिल है. इसके अलावा एकीकृत जीएसटी (IGST) 83,623 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 41,145 करोड़ रुपये सहित) और उपकर (Cess) 11,613 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 881 करोड़ रुपये सहित) रहा.

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इकोनॉमी की रफ्तार रहेगी तेज
एक ओर जहां वैश्विक मंदी की आहट से दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सहमी हुई हैं, तो वहीं भारत लगातार सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई इकोनॉमी (India Fastest Growing Economy) बना हुआ है. वर्ल्ड बैंक हो, आईएमएफ हो या फिर कोई अन्य ग्लोबल एजेंसी या भारत के शीर्ष इकोनॉमिस्ट सभी भारत की आर्थिक रफ्तार को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं. नीति आयोग के पूर्व वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक विकास दर को लेकर अनुमान जाहिर किया है और इसके करीब 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. उन्होंने कहा कि PM Modi के नेतृत्व में बीते 9 साल में जो सुधार हुए हैं, उससे देश की व्यापक आर्थिक स्थिति को फायदा हो रहा है.

तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर भारत
एक ओर जहां जीएसटी कलेक्शन, बेरोजगारी दर और जीडीपी को लेकर गुड न्यूज आई हैं, तो वहीं मंगलवार को S&P Global द्वारा जारी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के आंकड़ों ने निराश किया है. दरअसल, सितंबर में भारत का विनिर्माण पीएमआई (PMI) अगस्त में 58.6 से गिरकर सितंबर में 57.5 पर आ गया. हालांकि, लगातार 27वें महीने PMI Label 50 के स्तर से ऊपर बना हुआ है. गौरतलब है कि भारत दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.

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देश की GDP का आकार 3,750 अरब डॉलर का है और प्रति व्यक्ति आय 2,600 डॉलर है. बीते दिनों जारी भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई ने अपनी इकोरैप (SBI Ecowrap) रिपोर्ट में कहा कि है अगर भारत अपनी ग्रोथ की मौजूदा रफ्तार को कायम रखता है,  तो देश को FY27-28 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (Third Largest Economy) का टैग मिलने की पूरी संभावना नजर आ रही है. 
 

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