वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने गुरुवार को मीडिया को इस बात की जानकारी दी कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में आखिर राज्यों को मुआवजा देने पर क्या निर्णय हुआ है. इस दौरान उन्होंने कोविड-19 (कोरोना महामारी) को 'एक्ट ऑफ गॉड' यानी दैवी आपदा बता दिया है. इस पर बीजेपी के ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी भड़क गये हैं.
यह मसला सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. निर्मला सीतारमण की मीडिया ब्रीफिंग के बाद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें यह पता चला है कि कोविड-19 एक्ट ऑफ गॉड है. इस बारे में जल्द ही वह वीडियो जारी करेंगे. इसके बाद स्वामी ने वह वीडियो भी जारी किया जिसमें निर्मला सीतारमण कोविड-19 को एक्ट ऑफगॉड बता रही हैं.
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एक्ट ऑफ गॉड बोलना वैसे भी उचित नहीं
गौरतलब है कि किसी आपदा को एक्ट ऑफ गॉड यानी दैवी आपदा कहना उचित नहीं है. ऐसा माना जाता है कि कोई भी आपदा ईश्वर नहीं कर सकता यानी वह ईश्वरीय कृत्य नहीं हो सकता है. इसीलिए अंग्रेजी में अगर किसी प्राकृतिक आपदा को नेचुरल डिजास्टर लिखते हैं तो हिंदी भाषा में पत्रकार या अन्य लोग प्राकृतिक आपदा लिखते हैं (अगर वह प्राकृतिक है तो) दैवी आपदा नहीं.
स्वामी ने कहा-GDP का घट जाना भी एक्ट ऑफ गॉड है?
सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट कर कहा, 'मुझे इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड-19 को एक्ट ऑफ गॉड बताया है. मैं इसका वीडियो जल्द ही पोस्ट करूंगा. क्या सालाना जीडीपी रेट वित्त वर्ष 2015 के 8 फीसदी से 2020 की पहली तिमाही में 3.1 फीसदी पर आ जाना भी एक्ट ऑफ गॉड है? '
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वित्त मंत्री को किया ट्रोल
कल इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री को ट्रोल किया जाने लगा. कोरोना महामारी को एक्ट ऑफ गॉड बताने पर वित्त मंत्री ट्विटर पर ट्रोल हो गईं. लोगों ने अपने रिएक्शन्स में कहा कि अगर सब भगवान की माया है तो सरकार की जरूरत ही क्या है. इस तरह के कई रिएक्शन्स ट्विटर पर देखे गए जिनमें लगभग सभी वित्त मंत्री को ट्रोल कर रहे थे.