वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को देश का बजट पेश करने वाली हैं. बजट पेश किए जाने से ठीक पहले अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर आई है. वित्त मंत्रालय ने बताया कि जनवरी 2021 में रविवार शाम 6 बजे तक 1,19,847 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी (GST) कलेक्शन हुआ है. पिछले साल इसी महीने GST कलेक्शन की तुलना में इस बार 8% अधिक राजस्व मिला है.
पीआईबी के मुताबिक, जनवरी 2021 में सकल जीएसटी राजस्व 119847 करोड़ है, जिसमें से CGST 21923 करोड़, SGST 29014 करोड़, IGST 60288 करोड़ और उपकर यानी कि Cess 8622 करोड़ रुपये शामिल है. वहीं, दिसंबर से 31 जनवरी 221 तक दायर GSTR-3B रिटर्न की कुल संख्या 90 लाख है.
जनवरी 2021 के महीने में केंद्र और राज्य सरकारों को रेगुलर सेटलमेंट के बाद कुल राजस्व CGST के लिए 46,454 करोड़ और SGST के लिए 48,385 करोड़ मिला है. गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से GST कलेक्शन में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. जानकारों की मानें तो यह अर्थव्यवस्था के तेजी से रिकवर होने का संकेत है. पिछले चार महीने से GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बना हुआ है.
बता दें कि जनवरी महीने का GST कलेक्शन का ये आंकड़ा जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. फिलहाल, निर्मला सीतारमण के 1 फरवरी को बजट पेश करने से पहले GST कलेक्शन के ये आंकड़े सरकार को राहत देने वाले हैं.
देखें: आजतक LIVE TV
उधर, GST कलेक्शन को लेकर राज्य और केंद्र में खींचतान जारी है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जीएसटी क्षतिपूर्ति की अवधि बढ़ाने की मांग की है. गहलोत के मुताबिक, कोविड महामारी का अर्थव्यवस्था पर गहरा नकारात्मक असर पड़ा है और ऐसे में स्थिति को सामान्य होने में लंबा समय लगेगा. इसलिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए भुगतान जून 2022 तक देय है, उसे वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में इस अवधि को पांच वर्ष और बढ़ाकर जून 2027 तक जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए भुगतान किया जाए.
साथ ही उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि का आकलन एवं भुगतान सकल राजस्व घाटे के आधार पर किया जाए. ऐसी मांग दूसरे राज्य भी उठा चुके हैं.