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Harsha Engineers IPO: तगड़ी कमाई करेंगे इस आईपीओ के इन्वेस्टर्स, 50% प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद

हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल ने आईपीओ के लिए 314 से 330 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था. इस आईपीओ के लिए एक लॉट में 45 शेयर रखे गए थे. इसका मतलब हुआ कि इस आईपीओ में इन्वेस्ट करने के लिए कम से कम 45 शेयरों के लिए बोली लगाने यानी कम से कम 14,850 रुपये लगाने की जरूरत पड़ी. अभी ग्रे मार्केट में यह आईपीओ 170 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है.

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प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद
प्रीमियम पर लिस्टिंग की उम्मीद

घरेलू आईपीओ बाजार (IPO Market) में फिर से बहार आने लगी है. पिछले कुछ सप्ताहों के दौरान दो हिट आईपीओ के बाद अब इन्वेस्टर्स को एक और बढ़िया मौका मिल रहा है. प्रीसिजन बियरिंग बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल (Harsha Engineers International) के आईपीओ को भी बाजार में जबदरस्त रिस्पॉन्स मिला है. अहमदाबाद बेस्ड इस कंपनी के आईपीओ (Harsha Engineers International IPO) को 74.40 गुना सब्सक्राइब किया गया है. ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम (Harsha Engineers International IPO GMP) भी जबरदस्त है. ऐसे में इस आईपीओ में पैसे लगाने वाले इन्वेस्टर्स को आज लिस्टिंग के दिन तगड़ी कमाई हो सकती है.

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इतना बड़ा था इश्यू का साइज

हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल का आईपीओ 14 सितंबर को खुलने के बाद सब्सक्राइब करने के लिए 16 सितंबर तक उपलब्ध रहा. प्रीसिजन बियरिंग केज बनाने वाली इस कंपनी के आईपीओ में 455 करोड़ रुपये का फ्रेश इक्विटी शेयर्स इश्यू और मौजूदा शेयरधारकों के 300 करोड़ रुपये तक के शेयरों का ऑफर फोर सेल शामिल थे. ऑफर फोर सेल के तहत कंपनी के प्रमोटर व प्रमोटर ग्रुप्स राजेंद्र शाह, हरीश रंगवाला, पिलाक शाह, चारूशीला रंगवालाऔर निर्मला शाह के शेयर बेचे गए. साल 2010 में स्थापित यह कंपनी रेवेन्यू के आधार पर अपने सेगमेंट में अव्वल है.

पहले भी कर चुकी है मार्केट में आने का प्रयास

यह शेयर मार्केट में उतरने का हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल का दूसरा प्रयास है. कंपनी इससे पहले साल 2018 में भी बाजार में उतरने का प्रयास कर चुकी है. तब कंपनी ने अगस्त 2018 में बाजार नियामक सेबी (SEBI) के समक्ष आईपीओ का ड्राफ्ट फाइल किया था. हालांकि उसी समय आईएलएंडएफएस संकट (IL&FS Crisis) उत्पन्न हो जाने के कारण हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल को आईपीओ का अपना प्लान टालना पड़ गया था. उस संकट ने भारतीय नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) सेक्टर को तबाह कर दिया था.

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हर कैटेगरी में जबरदस्त रिस्पॉन्स

हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल ने आईपीओ के लिए 314 से 330 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था. इस आईपीओ का साइज 755 करोड़ रुपये है. इसमें से 50 फीसदी हिस्सा क्वॉलिफाइड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व था, जिसे 178.26 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए इस आईपीओ में 35 फीसदी हिस्सा रिजर्व रखा गया था. इस कैटेगरी में 17.63 गुना सब्स्क्राइब किया गया. बाकी की 15 फीसदी हिस्सेदारी नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए था, जिसे 71.32 गुना सब्सक्राइब किया गया.

हर लॉट पर इतनी कमाई की उम्मीद

इस आईपीओ के लिए एक लॉट में 45 शेयर रखे गए थे. इसका मतलब हुआ कि इस आईपीओ में इन्वेस्ट करने के लिए कम से कम 45 शेयरों के लिए बोली लगाने यानी कम से कम 14,850 रुपये लगाने की जरूरत पड़ी. अभी ग्रे मार्केट में यह आईपीओ 170 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. वहीं एनालिस्ट मान कर चल रहे हैं कि यह आईपीओ आज 480 से 500 रुपये पर लिस्ट हो सकता है. अगर अपर लिमिट के हिसाब से देखें तो एक लॉट की वैल्यू लिस्ट होते ही 22,500 रुपये हो जाने वाली है. इसका मतलब हुआ कि इस आईपीओ के इन्वेस्टर्स को लिस्टिंग होते ही हर लॉट पर 7,650 रुपये की कमाई होने वाली है.

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ब्रोकरेज फर्म्स ने दी थी बंपर रेटिंग

इसे ब्रोकरेज फर्म भी बढ़िया रेटिंग दे रहे थे. ब्रोकरेज फर्म अरिहंत कैपिटल, एलकेपी सिक्योरिटीज, निर्मल बांग सिक्योरिटीज और हेम सिक्योरिटीज ने हर्ष इंजीनियर्स इंटरनेशनल आईपीओ को सब्सक्राइब रेटिंग दी थी. इनका मानना था कि रेवेन्यू में ठोस बढ़ोतरी और ग्राहकों के साथ गहरे संबंध के दम पर आने वाले समय में भी इस कंपनी का कारोबार शानदार रहने वाला है. निर्मल बांग सिक्योरिटीज की मानें तो यह कंपनी अपने सेगमेंट में अहम रणनीतिक महत्व रखती है और इस कारण उसने आईपीओ को सब्सक्राइब रेटिंग दी थी. अरिहंत कैपिटल ने इस आईपीओ को लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी थी.

 

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