एक जुलाई को एचडीएफसी लिमिटेड के मर्जर के बाद HDFC Bank वैल्यूएशन के हिसाब से दुनिया का चौथा सबसे बड़ा बैंक बन गया है. इस मर्जर से ठीक एक दिन पहले करीब 4 दशक तक ग्रुप की कमान संभाल रहे HDFC चेयरमैन दीपक पारेख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के बाद से वे सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं, इसकी वजह है उनकी पहली सैलरी. दरअसल, उन्हें साल 1978 में मिला ऑफर लेटर (Deepak Parekh Offer Letter) तेजी से वायरल हो रहा है, इसमें उनकी ग्रुप में शामिल होते समय निर्धारित की गई पहली सैलरी दिखाई गई है.
19 जुलाई 1978 में दिया गया था ऑफर
सोशल मीडिया (Social Media) पर ट्रेंड कर रहे इस ऑफर लेटर को लेकर दावा किया जा रहा है कि ये उन्हें एचडीएफसी बैंक में ज्वाइनिंग के दौरान दिया गया था. ये लेटर एक यूजर ने ट्विटर (Twitter) पर शेयर किया है. हालांकि, हम इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन इसके मुताबिक, दीपक पारेख ने बैंक में डिप्टी जनरल मैनेजर के रूप में पहली ज्वाइनिंग ली थी और उन्हें 19 जुलाई 1978 को ऑफर लेटर इश्यू किया गया था. ये ऑफर लेटर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं. करीब 45 साल पुराने इस ऑफर लेटर में उनकी सैलरी, DA से संबंधित सभी जानकारियां दी गई हैं.
3,500 रुपये था दीपक पारेख का मूल वेतन
अब आपको बताते हैं कि एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में ज्वानिंग करते समय दीपक पारेख की सैलरी (Deepak Parekh Basic Salary) क्या थी? तो ऑफर लेटर के मुताबिक, उन्हें 3,500 रुपये के बेस-पे पर कंपनी में ज्वाइन करने का ऑफर दिया गया था. इसके अलावा महंगाई भत्ते के रूप में 500 रुपये जोड़े गए थे. अन्य जानकारियों को देखें तो 15 फीसदी एचआरए (HRA) और 10 फीसदी (CCA) इसमें शामिल किया गया था. इसके अलावा उन्हें PF, ग्रेच्युटी, मेडिकल बेनिफिट और लीव ट्रैवल सुविधाओं के साथ ही टेलिफोन बिल रिम्बर्समेंट भी ऑफर किया गया था.
78 साल की उम्र में दिया है इस्तीफा
गौरतलब है कि 78 साल के पारेख ने बीते 30 जून 2023 को लगभग चार दशक तक एचडीएफसी ग्रुप में सेवाएं देने के बाद इसे अलविदा कह दिया. HDFC Group के साथ अपने करियर में उन्होंने डिप्टी जनरल मैनेजर से ग्रुप चेयरमैन तक का सफर तय किया. उन्होंने एक शेयरहोल्डर्स को एक पत्र लिखकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसमें उन्होंने लिखा था कि अब मेरे लिए संन्यास लेने का वक्त आ गया है. यह मेरे लिए भविष्य की उम्मीदों और आशाओं के साथ अलविदा कहने का समय है.
हालांकि, एचडीएफसी के शेयरहोल्डर्स के लिए यह मेरा आखिरी संवाद होगा, लेकिन इस बात के लिए निश्चिंत रहिए कि हम अब ग्रोथ और समृद्धि के एक रोमांचक भविष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. ग्रुप में अपने लंबे कार्यकाल को लेकर उन्होंने लिखा, 'HDFC में मिला अनुभव अमूल्य है. हमारी विरासत को मिटाया नहीं जा सकता और हमारी विरासत को आगे भी बढ़ाया जाएगा.' इस्तीफे का ऐलान करते हुए उन्होंने लिखा,' पारेख ने लिखा, 'टाइम टू हैंग माय बूट्स'.
देश की दूसरी सबसे मूल्यवान फर्म
1 जुलाई 2023 को एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC Ltd) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) मर्जर के बाद होम फाइनेंस कंपनी का अस्तित्व समाप्त हो गया. HDFC Bank-HDFC Merger के प्रभावी होने के बाद बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के बाद देश की दूसरे सबसे मूल्यवान फर्म बन गया है. इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 14.7 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है और इसने वैल्यू के मामले में TCS को पीछे छोड़ दिया है. बता दें 13 जुलाई को एचडीएफसी लिमिटेड के शेयरों को Stock Market से डिलिस्ट कर दिया जाएगा.