भारतीय शेयर बाजार पर अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) का असर दिखाई दे रहा है. अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों से लेकर LIC, SBI तक घराशायी हो गए हैं. Stock Market बीते सात दिनों से लगातार टूट रहा है. इस उथल-पुथल का असर आगामी IPO पर भी पड़ा रहा है. पारंपरिक परिधानों, होम डेकोर और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स से जुड़ी कंपनी फैब इंडिया (Fabindia) ने इस सबके बीच अपना प्रस्तावित आईपीओ रद्द कर दिया है. इसका इश्यू साइज करीब 4,000 करोड़ रुपये था.
कई कंपनियां कर चुकी हैं IPO रद्द
ई-कॉमर्स फर्म स्नैपडील और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी boAt ने पिछले कुछ महीनों में अनिश्चित बाजार के कारण अपने अपने IPO वापस ले लिए थे. इसके अलाना ज्वैलरी रिटेलर जोआलुक्कास (Joyalukkas) ने भी अपनी योजनाओं को रद्द कर दिया था. अब इस लिस्ट में Fabindia का नाम भी शामिल हो गया है. फैब इंडिया ने अपने आईपीओ को बाजार में लाने का ऐलान 2021 में किया था. इसके बाद जनवरी 2022 में कंपनी की ओर से ड्रॉफ्ट पेपर (DHRP) फाइल किया गया था और अप्रैल 2022 में इसे मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) की मंजूरी दी थी.
Market में गिरावट बनी वजह
पीटीआई के मुताबिक, Fabindia ने IPO वापस लेने का फैसला बाजार में जारी उथल-पुथल के चलते लिया है. गौरतलब है कि शेयर बाजार में बीते महीने जनवरी के लास्ट से उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. 24 जनवरी को अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की अडानी ग्रुप को लेकर पब्लिश की गई रिपोर्ट के बाद बाजार में कोहराम मच गया था और इसका असर अभी भी दिखाई दे रहा है. इस दौरान न केवल Gautam Adani की कंपनियों के शेयरों में भूचाल आया, बल्कि इससे एलआईसी, एसबीआई समेत अन्य स्टॉक्स भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.
बाजार में हफ्तेभर से गिरावट जारी
शेयर बाजार (Stock Market) में बीते हफ्ते भर से लगातार गिरावट देखी जा रही है और इस बीच मार्केट का प्रमुख इंडेक्स बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) करीब 2000 अंक गिर चुका है और शेयर बाजार में निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स के 10.42 लाख करोड़ डूब चुके हैं. सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी दोपहर 11.20 बजे तक Sensex 0.14 फीसदी की गिरावट के साथ 59,205.06 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.
इन दिग्गज कारोबारियों का इन्वेस्टमेंट
फैबइंडिया कंपनी में इन्फोसिस (Infosys) के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि के साथ ही कई दिग्गज कॉरपोरेट हस्तियों का इन्वेस्टमेंट है. इनमें अजीम प्रेमजी के परिवार की कंपनी प्रेमजी इनवेस्ट का नाम भी शामिल है. सोमवार को Fabindia की ओर से एक बयान जारी कर आईपीओ वापस लिए जाने की जानकारी साझा की गई. इसके साथ ही इस रद्द करने के कारणों के बारे में भी बताया गया.
फंड जुटाने के अन्य विकल्पों की तलाश
फैब इंडिया की स्थापना साल 1960 में हुई थी और इससे करीब 40,000 लोग जुड़े हुए हैं. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि शेयर बाजार में लिस्टेड होने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास दाखिल शुरुआती मसौदा (DRHP) आवेदन को कंपनी ने वापस ले लिया है. उन्होंने कहा कि IPO न लाने की सबसे बड़ी वजह यह है कि हम जिस साइज का इश्यू ला रहे हैं, शेयर बाजार की मौजूदा स्थितिके मद्देनजर ये अनुकूल नहीं लग रहा है. कंपनी फंड जुटाने के लिए अन्य विकल्पों की तलाश करेगी और भविष्य में आईपीओ लाने के बारे में भी विचार कर सकती है.