scorecardresearch
 

Hindenburg Track-Record: अडानी ग्रुप पर 88 सवाल दागने के पीछे ये शख्स, 5 साल का इतिहास 16 खुलासे!

रिपोर्ट को अडानी समूह ने निराधार करार दिया है. अडानी ग्रुप ने इस पूरी रिपोर्ट को खारिज किया है और इसे दुर्भावना से ग्रसित बताया है. इस बीच हिंडनबर्ग रिसर्च फर्म को लेकर कुछ खुलासा हुआ है. हिंडनबर्ग रिसर्च की लेटेस्ट रिपोर्ट में अडानी ग्रुप से 88 सवाल किए गए हैं.

Advertisement
X
बुधवार को अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट
बुधवार को अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट

नया साल 2023 अडानी ग्रुप के लिए अब तक बेहतर साबित नहीं हुआ है. बुधवार को एक अमेरिकी फर्म की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों को बेचने की होड़ मच गई. जिससे शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. इस रिपोर्ट के बाद गौतम अडानी (Gautam Adani) की संपत्ति फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक 6.1 अरब डॉलर यानी 489,99,30,00,000 रुपये घट गई.

Advertisement

दरअसल, फॉरेंसिक फाइनेशियल रिसर्च फर्म Hindenburg ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की है. जिसमें कहा गया है कि अडानी की कंपनियों में शॉर्ट पोजीशन पर है. रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप के सभी कंपनियों के लोन (Adani Group Debt) पर भी सवाल खड़े किए हैं. रिपोर्ट में दावा किया है कि अडानी ग्रुप की 7 प्रमुख लिस्टेड कंपनियां 85 फीसदी से अधिक ओवरवैल्यूज हैं. हिंडनबर्ग रिसर्च की लेटेस्ट रिपोर्ट में अडानी ग्रुप से 88 सवाल किए गए हैं. इसी रिपोर्ट से भारतीय निवेशकों का सेटीमेंट बदल गया. 

अडानी ग्रुप ने दिया जवाब

हालांकि चंदे घंटे के बाद ही अडानी ग्रुप की ओर अमेरिकी फर्म Hindenburg की रिपोर्ट को तगड़ा जवाब दिया गया. रिपोर्ट को अडानी समूह ने निराधार करार दिया है. अडानी ग्रुप ने इस पूरी रिपोर्ट को खारिज किया है और इसे दुर्भावना से ग्रसित बताया है. अडानी समूह के CFO जुगेशिंदर सिंह ने कहा, 'हम हैरान हैं कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने हमसे संपर्क करने या तथ्यात्मक मैट्रिक्स को सत्यापित करने का कोई प्रयास किए बिना 24 जनवरी 2023 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट चुनिंदा गलत सूचनाओं और बासी, निराधार और बदनाम आरोपों का एक दुर्भावनापूर्ण संयोजन है, जिसे भारत के उच्चतम न्यायालयों द्वारा परीक्षण और खारिज कर दिया गया है.'

Advertisement

हिंडनबर्ग अनुसंधान क्या है?
इस बीच हिंडनबर्ग रिसर्च का भी इतिहास सामने आया है. हिंडनबर्ग का कॉर्पोरेट गलत कामों को खोजने और कंपनियों के खिलाफ दांव लगाने का ट्रैक-रिकॉर्ड है. हिंडनबर्ग रिसर्च एक फोरेंसिक वित्तीय शोध फर्म है, जो इक्विटी, क्रेडिट और डेरिवेटिव का विश्लेषण करती है. इसकी स्थापना साल 2017 में नाथन एंडरसन ने की है.

हिंडनबर्ग की वेबसाइट के मुताबिक यह फर्म 'मानव निर्मित आपदाओं' (man-made disasters) के अनियमितताओं, कुप्रबंधन और अघोषित संबंधित पक्ष लेनदेन का लेखा-जोखा करता है. इस काम में कंपनी अपनी पूंजी लगाती है. हिंडनबर्ग आमतौर पर संभावित गलत कामों को खोजने के बाद एक रिपोर्ट प्रकाशित करता है, जिसमें मामले की व्याख्या की जाती है.

साल 2020 में किया था बड़ा खुलासा
साल 2017 के बाद से हिंडनबर्ग ने अब तक करीब 16 कंपनियों में कथित गड़बड़ी को लेकर खुलासा किया है. पिछले साल इसने ट्विटर इंक (Twitter Inc) को लेकर भी एक रिपोर्ट जारी की थी. पहले कंपनी ने मई- 2022 में एक छोटी रिपोर्ट दी थी, लेकिन जुलाई में फिर एक विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की थी. 

हालांकि सितंबर-2020 में इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माता निकोला कॉर्प के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जाता है. हिंडनबर्ग के संस्थापक नाथन एंडरसन ने बताया था कि निकोला ने तकनीकी विकास को लेकर निवेशकों को धोखा दिया है. जिसमें उन्होंने निकोला द्वारा जारी एक वीडियो को चुनौती दी थी. बाद में एक अमेरिकी जूरी ने निकोला के संस्थापक को निवेशकों से झूठ बोलने के आरोप में दोषी ठहराया था. हिंडनबर्ग का कहना है कि व्हिसलब्लोअर और पूर्व कर्मचारियों से निष्कर्षों के साथ उन्होंने कंपनी के बारे में खुलासा किया था.

Advertisement
Advertisement