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Hyundai के IPO को ठंडा रिस्पॉन्स, 3 घंटे में सिर्फ 12% भरा... जानिए क्या है वजह?

ये भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ है, जो आज यानी 15 अक्‍टूबर को खुल चुका है. इससे पहले सरकारी बीमा कंपनी LIC ने सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था. LIC IPO का साइज 21,000 करोड़ रुपये का था.

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हुंडई आईपीओ
हुंडई आईपीओ

अबतक का सबसे बड़ा Hyundai IPO मार्केट में सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खुल चुका है. हालांकि इसे निवेशकों का कुछ खास रिस्‍पॉन्‍स नहीं मिल रहा है और करीब 1 बजे तक यह सिर्फ 12 फीसदी ही सब्‍सक्राइब हुआ था. अभी ये आईपीओ 17 अक्‍टूबर तक ओपेन रहेगा. इस दौरान रिटेलर्स से लेकर बड़े इन्‍वेस्‍टर्स तक दांव लगा सकते हैं. Hyundai IPO का कुल साइज 27,870.16 करोड़ रुपये का है. इसका मतलब है कि ऑटोमोबाइल कंपनी मार्केट से 27 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा जुटाएगा. 

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ये भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ है, जो आज यानी 15 अक्‍टूबर को खुल चुका है. इससे पहले सरकारी बीमा कंपनी LIC ने सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया था. LIC IPO का साइज 21,000 करोड़ रुपये का था. हुंडई मोटर्स इंडिया अपने इस इश्यू के जरिए कंपनी 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 142,194,700 शेयर बिक्री के लिए पेश करेगी. इसके सभी शेयर OFS के जरिए जारी किए जाएंगे. 

हुंडई आईपीओ का प्राइस बैंड 
चेन्नई स्थित हुंडई मोटर इंडिया अपने शेयर 1,865-1,960 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड में बेच रही है. निवेशक कम से कम सात शेयर और उसके बाद उसके गुणकों के लिए आवेदन कर सकते हैं. यह पूरी तरह से इसकी उत्तर कोरियाई मूल कंपनी हुंडई मोटर कंपनी द्वारा 14,21,94,700 शेयरों की बिक्री की पेशकश (ओएफएस) है. OFS का मतलब होता है कि कंपनी प्रमोटर्स के जर‍िए शेयर जारी करती है. इसके शेयरों का अलॉटमेंट 18 अक्‍टूबर को होगा और कंपनी के शेयर मार्केट 22 अक्‍टूबर को लिस्‍ट होंगे. 

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किसने कितना किया सब्‍सक्राइब? 
रिटेल इन्‍वेस्‍टर्स के लिए आवंटन 16 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के लिए आरक्षित हिस्से में 7 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन हुआ. कर्मचारियों के लिए आवंटन 43 प्रतिशत बुक किया गया. हालांकि, योग्य संस्थागत बोलीदाताओं (QIB) के लिए निर्धारित कोटा के लिए अभी तक कोई बोली नहीं आई है. 

क्‍यों ज्‍यादा सब्‍सक्राइब नहीं कर रहे निवेशक? 

  • मार्केट जानकारों के मुताबिक, इस आईपीओ का वैल्‍यूवेशन काफी महंगा दिखाई दे रहा है. इस आईपीओ को थोड़ा और सस्‍ता होना चाहिए था. 
  • कंपनी OFS के जरिए शेयर बेच रही है, जिसका मतलब है कि इसके आईपीओ का पैसा प्रमोटर्स के पास जाएगा, ना कि कंपनी की ग्रोथ और अन्‍य चीज के लिए खर्च हो पाएगा. 
  • वहीं लोगों में ऑटो सेक्‍टर्स के IPO को लेकर ज्‍यादा उत्‍साह दिखाई नहीं देता है, जब भी ऑटो सेक्‍टर्स का आईपीओ आता है तो निवेशक कम ही दांव लगाते हैं. ऐसे में यह भी कारण माना जा रहा है कि निवेशक इसपर ज्‍यादा रिस्‍पॉन्‍स नहीं दिखा रहे हैं. 

हुंडई मोटर्स का जीएमपी 
हुंडई मोटर इंडिया के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इश्यू की आधिकारिक घोषणा के बाद से लगातार गिर रहा है. पिछली बार सुना गया था कि कंपनी अनऑफिशियल मार्केट में 30 रुपये का प्रीमियम कमा रही थी, जो निवेशकों के लिए लिस्टिंग अनुमान सिर्फ 1-2 प्रतिशत का संकेत देता है. पहले जीएमपी 45 रुपये था.

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(नोट- किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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