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देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुए 75 साल होने वाला है. इस मौके पर पूरा देश 'आजादी का अमृत महोत्सव' (azadi ka amrit mahotsav) मना रहा है. देश इन सात दशकों में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं (Fastest Growing Economy) में शामिल हो चुका है. इस मुकाम तक पहुंचाने में कारोबारी जगत का अहम योगदान है, जिन्होंने भारत की आर्थिक सेहत मजबूत की है.
सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी
भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था. लेकिन, ये चिड़िया लंबे समय तक अंग्रेजों की गुलामी में रही. कई शहादतों के बाद आखिरकार 15 अगस्त 1947 (15 August) को देश आजाद (independence) हुआ. इस आजादी से साथ ही भारत ने दुनिया में अलग मुकाम बनाने की शुरुआत कर दी. आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है और 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है. आधुनिक भारत में रतन टाटा, गौतम अडानी, मुकेश अंबानी समेत कई उद्योगपति हैं, जो दुनियाभर में देश को अलग पहचान दिलाने में भूमिका निभा रहे हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही देश के टॉप-10 कारोबारियों (Top-10 Indian Businessman) के बारे में...
1- रतन टाटा (Ratan Tata)
टाटा समूह (Tata Group) के चेयरमैन रतन टाटा उन कारोबारियों में शामिल हैं. जिनकी कंपनी आजादी के पहले और बाद भी सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही है. देश को नमक से लेकर लग्जरी कार तक बनाकर देने वाले टाटा समूह के कारोबार की शुरुआत 1868 में हुई थी. लेकिन, आज के आधुनिक भारत में आईटी सेक्टर हो, एविएशन सेक्टर हो, होटल व्यवसाय हो या फिर ऑटो सेक्टर रतन टाटा का दबदबा कायम है. रतन टाटा के समूह में एअर इंडिया, टीसीएस, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स समेत इंडियन होटल जैसी कंपनियां हैं. जो देश की आर्थिक प्रगति में अपनी भूमिका निभा रही है.
2- मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani)
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी आज के भारत को आगे बढ़ाने वाले कारोबारियों में हैं. इनका जन्म भले ही देश के बाहर यमन के अदन हुआ, लेकिन आज भारतीय कारोबारी जगत में ये सबसे आगे हैं. देश के हर हाथ में मोबाइल पहुंचाने का सबसे बड़ा श्रेय भी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस (Reliance) को ही जाता है. टेलिकॉम से लेकर रिटेल सेक्टर तक, पेट्रोलियम, इंफ्रास्क्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक्स सेक्टर तक रिलायंस एक बड़ा नाम है. दुनिया के शीर्ष अमीरों में भी मुकेश अंबानी शामिल हैं.
3- गौतम अडानी (Gautam Adani)
अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के सबसे अमीर इंसान (Asia's Richest Person) हैं. दुनिया भर में भारत को अलग पहचान दिलाने में अडानी की भी बड़ी भूमिका है. संपत्ति के मामले में ये भारतीय उद्योगपति दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों (Top-10 Billionaires) में चौथे स्थान पर हैं. खाने के तेल से लेकर, बंदरगाह, एयरपोर्ट, गैस, ग्रीन एनर्जी तमाम क्षेत्रों में अडानी की बादशाहत कायम है. गौतम अडानी ने 1988 में अडानी एंटरप्राइज लिमिटेड बनाकर बिजनेस की दुनिया में कदम रखा और आज आधुनिक भारत के सबसे बड़े कारोबारियों में शामिल हैं. कमाई के मामले में दुनिया भर के अमीरों में अडानी सबसे आगे हैं.
4- अजीम प्रेमजी (Azim Premji)
आज आईटी सेक्टर में भारत रोज नए आयाम स्थापित कर रहा है. इस सेक्टर में देश को अलग पहचान देने के मामले में अजीम प्रेमजी का नाम ऊपर आता है. उन्हें Indian IT Industry के Czar भी कहा जाता है. अजीम प्रेमजी आईटी फर्म विप्रो के अध्यक्ष और भारतीय अरबपति, बिजनेस टाइकून, व्यवसायी और सबसे बड़े दानवीर हैं. आजादी से दो साल पहले 24 जुलाई 1945 को जन्मे इस भारतीय उद्योगपति ने आधुनिक भारत में बड़ा योगदान दिया है और दे रहे हैं.
5- कुमार मंगलम बिड़ला (Kumar Mangalam Birla)
आजादी के बाद जन्म 14 जून 1967 कुमार को जन्मे कुमार मंगलम बिड़ला भारतीय कारोबारी जगत का एक बड़ा नाम हैं. वे आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष हैं. भारत की आर्थिक प्रगति में अपना बड़ा योगदान देने वाले कारोबारियों की लिस्ट में इनका नाम भी शामिल है. बिड़ला समूह की कंपनियों की बात करें तो ग्रासिम, हिंडाल्को, अल्ट्राटेक सीमेंट, आदित्य बिरला नुवो, आदित्य बिरला रिटेल समेत कई नाम शामिल हैं. इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी इनका समूह खासा सक्रिय है.
6- आदि गोदरेज (Adi Godrej)
भारतीय उद्योगपति आदि गोदरेज ने जब बिजनेस संभाला था, उस वक्त कंपनी अलमारी, साबुन जैसे सामान बनाती थी. लेकिन फिर कंपनी ने कई और प्रोडक्ट्स भी बनाने शुरू कर दिए. हालांकि उन्होंने बीते साल 2021 में इस्तीफा दे दिया था. आजादी के पहले गोदरेज समूह देश को आर्थिक मजबूती देने में सक्रिय है. वर्तमान में ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लगभग हर क्षेत्र में सक्रिय है. फिरोजशा और अर्देशिर गोदरेज कंपनी इसके संस्थापक हैं. आजादी से पहले जब ब्रिटिश हुकूमत थी, तब भी भारतीय अंग्रेज अपने कीमती सामानों के लिए भारतीय उद्योगपति की कंपनी की तिजोरी पर ही भरोसा करते थे.
7- लक्ष्मी मित्तल (lakshmi Mittal)
भारतीय कारोबारी लक्ष्मी मित्तल स्टील मैग्नेट, आर्सेलर मित्तल के अध्यक्ष और सीईओ हैं. आधुनिक भारत में ये उद्योगपति दुनिया भर में कारोबार को फैलाते हुए भारत की आर्थिक प्रगति में हिस्सेदारी दे रहे हैं. लक्ष्मी मित्तल को 2007 में यूरोप के सबसे अमीर एशियाई व्यक्ति के रूप में मान्यता दी गई थी. इनका जन्म एक पारंपरिक मारवाड़ी परिवार में हुआ था और उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, कलकत्ता से बी.कॉम की डिग्री हासिल की. आज उद्योग जगत में ये बड़ा नाम बन चुके हैं.
8- शिव नाडार (Shiv Nadar)
शिव नाडार एचसीएल (HCL) और शिव नाडार फाउंडेशन के अध्यक्ष और संस्थापक हैं. इनकी गिनती भारत के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में की जाती है. 2008 में नाडार को भारत सरकार ने तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म भूषण से नवाजा था. पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक, महज 1.87 लाख रुपये से इस भारतीय उद्योगपति ने एचसीएल की स्थापनी की थी, जो आज सॉफ्टवेयर सेवाओं के मामले में भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.
9- एन आर नारायणमूर्ति (N R Narayana Murthy )
N R Narayana Murthy टेक सेक्टर में जाना पहचाना नाम है. इनकी कंपनी इंफोसिस (Infosys) भारत की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक है. यह वर्तमान में ब्रिटेन सहित दुनिया के लगभग 50 देशों में मौजूद है. इसका मुख्यालय बेंगलुरु में है. रेवेन्यू पर नजर डालें तो कंपनी ने 2019 में 11.8 अरब डॉलर, 2020 में 12.8 अरब डॉलर और 2021 में 13.5 अरब का राजस्व दर्ज किया. हालांकि नारायण मूर्ति ने साल 2011 में इंफोसिस के अध्यक्ष पद को छोड़ दिया था. ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार ऋषि सुनक इस दिग्गज भारतीय उद्योगपति के दामाद हैं.
10- अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal)
अपने दम पर कारोबारी साम्राज्य खड़ा कर देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले भारतीय उद्योगपतियों का जिक्र हो, तो वेदांता ग्रुप (Vedanta Ltd) के अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) का नाम स्वाभाविक तौर पर सामने आ जाता है. साधारण परिवार में पैदा होने के बाद अनिल अग्रवाल ने अपनी मेहनत और लगन से माइनिंग व मेटल बिजनेस (Mining And Metal Business) का बड़ा कारोबार खड़ा कर दिया. इनकी बड़ी उपलब्धियों में लंदन स्टॉक एक्सचेंज (London Stock Exchange) पर पहली भारतीय कंपनी के रूप में लिस्टिंग शामिल है. आज अनिल अग्रवाल का नेटवर्थ 40 करोड़ डॉलर यानी करीब 35 हजार करोड़ रुपये है.