भारत को एक बड़े टैक्स कलेक्शन (Tax Collection) की उम्मीद है. भारत को उम्मीद है कि 140 अरब रुपये ($1.7 अरब) ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों (Online Gaming Companies in India) से GST के तौर पर मिलेगा. रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ने शनिवार को रॉयटर्स से कहा कि इसका टारगेट वित्त वर्ष 2025 तक रखा गया है.
अक्टूबर में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों (Online Gaming Companies) पर प्रत्येक दांव के लिए अपने ग्राहकों से एकत्र किए जाने वाले फंड पर 28 फीसदी टैक्स लगाया था. इससे ग्लोबल निवेशकों की ओर से 1.5 बिलियन डॉलर के उभरते उद्योग को झटका लगा. सरकार का कहना था कि इससे लोगों को एक नशे की लत लग रही है, जिस कारण इसपर भारी टैक्स लगाया जा रहा है.
मार्च में इतने अरब टैक्स से जुटाएगी सरकार
मल्होत्रा ने एक इंटरव्यू में कहा कि 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में सरकार टैक्स से लगभग 75 अरब रुपये जुटाएगी, जो पिछले वर्ष 16 अरब रुपये से अधिक है. उन्होंने कहा, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में टैक्स से 35 अरब रुपये की आय हुई. उन्होंने आगे कहा कि ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री स्थिर हो चुकी है, लेकिन निर्यायक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी.
टैक्स रेट में नहीं होगा कोई बदलाव
मल्होत्रा ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर टैक्स लगाने की रूपरेखा की समीक्षा अप्रैल तक की जाएगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि टैक्स दरों में किसी तरह का कोई बदलाव होगा. सरकार इससे जुड़े कुछ नए नियम को ऐड कर सकती है.
जनवरी में इतना हुआ टैक्स कलेक्शन
मल्होत्रा ने कहा कि सरकार का कुल जीएसटी कलेक्शपन औसतन 1.7 ट्रिलियन रुपये प्रति माह हो गया है. ऐसे में उन्होंने कहा कि हम अगले वित्त वर्ष से 1.80 ट्रिलियन से 1.85 ट्रिलियन रुपये के औसत मंथली जीएसटी कलेक्शन की उम्मीद कर रहे हैं. बता दें कि जनवरी 2024 में जीएसटी कलेक्शन साल दर साल 10 फीसदी बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. जनवरी 2024 के महीने में जुटाए गए जीएसटी राजस्व (GST Revenue) 1,72,129 करोड़ रुपये है.